बुलंदशहर। ग्राम पंचायतों में निर्माण कार्य करा रहीं फर्मों के जीएसटी चोरी करने का मामला सामने आया है। विभागीय जांच में ऐसी 19 फर्में चिन्हित की गई हैं। इसके बाद जिला पंचायत राज अधिकारी ने सभी को नोटिस जारी किए हैं। तीन फर्मों की जांच के लिए ज्वाइंट कमिश्नर वाणिज्य कर को पत्र लिखा है। इन फर्मों के अन्य कार्यों की भी जांच की जाएगी। जिले की 946 ग्राम पंचायतों में 400 से अधिक फर्म विकास कार्य कराती हैं।
जिला पंचायत राज अधिकारी डॉ. प्रीतम सिंह ने बताया कि ग्राम पंचायतों में विकास कार्य कराने के लिए फर्मों को टेंडर दिए जाते हैं। टेंडर प्रक्रिया के बाद संबंधित फर्म निर्माण कार्य करती है। पिछले दिनों मोहम्मद यूसुफ प्रोपराइटर मेसर्स हारून रसीद कॉन्ट्रैक्टर कंपनी, जेपी कॉन्ट्रैक्टर और टीवीएस कंस्ट्रक्शन कंपनी की शिकायतें मिली थीं। शिकायत में जीएसटी, इनकम टैक्स, लेबर सेस व माइनर रॉयल्टी में अनियमितता की बात बताई गई थी। इसके बाद हुई विभागीय जांच में 19 फर्में ऐसी मिलीं, जिन्होंने नियमानुसार जीएसटी जमा नहीं कराया। इन फर्मों में मेसर्स महालक्ष्मी कॉन्ट्रैक्टर, मेसर्स युग कॉन्ट्रैक्टर, अरव एंटरप्राइजेज, अनिल कॉन्ट्रैक्टर, मेसर्स अखलाक कॉन्ट्रैक्टर, मेसर्स दिनेश देवी एंटरप्राइजेज, मेसर्स दिनेश देवी एंटर प्राइजेज, मेसर्स अक्षय एंटर प्राइजेज, मेसर्स कीर्ति कॉन्ट्रैक्टर एजेंसी, मेसर्स हरिओम कॉन्ट्रैक्टर कंपनी, मेसर्स एचवीएस कॉन्ट्रैक्टर, मेसर्स एके भाटी कॉन्ट्रैक्टर, मेसर्स कृष्णपाल सिंह एजेंसी, मेसर्स एमएस एंटरप्राइजेज, मेसर्स एसएम कॉन्ट्रैक्टर एजेंसी, मेसर्स कविश कॉन्ट्रैक्टर एजेंसी, मेसर्स खुशी इंटर प्राइजेज, मेसर्स अक्षय एंटरप्राइजेज और पारूल कॉन्ट्रैक्टर एंड सप्लायर्स शामिल हैं। जिला पंचायत राज अधिकारी ने इन सभी 19 फर्मों को नोटिस जारी कर दिया है। सभी को 15 दिनों के अंदर जवाब देना होगा। जवाब नहीं देने पर जीएसटी की चोरी मानते हुए उनके खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति की जाएगी।
पंचायतों में खर्च हुई राशि का मांगा रिकॉर्ड
जिला पंचायत राज अधिकारी ने बताया कि इन सभी फर्मों ने जिन ग्राम पंचायतों में निर्माण कार्य कराए हैं, उससे संबंधित खर्च हुई राशि का ब्योरा हासिल कर लिया गया है। इसकी पूरी रिपोर्ट बनाकर वाणिज्य कर विभाग को दी जाएगी। जहां पर जीएसटी चोरी के बारे में जानकारी हो सकेगी। अभी तक यह जानकारी नहीं है कि कितने लाख की जीएसटी चोरी की गई है। यह जांच के बाद ही साफ हो पाएगा। इस मामले में श्रम विभाग भी जांच करेगा, क्योंकि निर्माण कार्य में श्रमिकों की भी मदद ली जाती है। उनको कितनी मजदूरी दी गई, इसके बारे में भी रिपोर्ट ली जाएगी।
ज्वाइंट कमिश्नर वाणिज्य कर को जांच के लिए लिखा पत्र
जिला पंचायत राज अधिकारी ने बताया कि इन फर्मों की जांच के लिए ज्वाइंट कमिश्नर वाणिज्य कर को पत्र लिखा है। दूसरी ओर पता चला है कि गांव में विकास कार्य कराने के लिए कुछ प्रधानों ने अपने परिवार के सदस्यों की फर्म बनवा रखी है। जो नियम विरुद्ध है। शासन से एक आदेश जारी हुआ है, जिसमें कहा गया कि पंचायत राज विभाग के कर्मियों एवं ब्लॉक प्रमुख, ग्राम प्रधान, ग्राम पंचायत सदस्य और उनके परिजन व रिश्तेदारों के नाम पर फर्म बनाकर कार्य नहीं किया जा सकता है।
कोट
गांव के विकास कार्य कराने वाली 19 फर्मों को जीएसटी चोरी करने पर नोटिस जारी किए गए हैं। तीन फर्मों की जांच शुरू हो गई है। इसके लिए ज्वाइंट कमिश्नर वाणिज्य कर को पत्र लिखा है। जिन फर्मों को नोटिस जारी किए गए हैं, उनको निर्धारित समय पर अपना जवाब देने के लिए निर्देश दिए हैं। - डॉ. प्रीतम सिंह, जिला पंचायत राज अधिकारी।