बुलंदशहर। ईद के चलते शनिवार को संपूर्ण समाधान दिवस का आयोजन नहीं हो सका। इसके चलते सोमवार को सभी तहसीलों पर आयोजन किया गया। जनपद की सातों तहसीलों में सोमवार को आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में कुल 176 फरियादी अपनी शिकायतें लेकर पहुंचे, लेकिन मौके पर केवल 20 मामलों का ही निस्तारण हो सका। शेष 156 शिकायतों को संबंधित विभागों के अधिकारियों को सौंपते हुए गुणवत्तापूर्ण ढंग से निस्तारण के निर्देश दिए गए।
तहसील सदर में जिलाधिकारी श्रुति की अध्यक्षता में समाधान दिवस संपन्न हुआ। यहां, कुल 28 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें से 4 का मौके पर निस्तारण कर दिया गया। डीएम ने अधिकारियों को शिकायतों के निस्तारण में खानापूर्ति बर्दाश्त नहीं होने की बात कही। वहीं, एसएसपी दिनेश कुमार सिंह ने पुलिस विभाग से जुड़े मामलों को गंभीरता से लेते हुए मातहतों को निष्पक्ष जांच के निर्देश दिए। शिकारपुर तहसील में सबसे अधिक 59 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें से एडीएम फाइनेंस और एसडीएम अरुण कुमार वर्मा की मौजूदगी में केवल नौ का समाधान हो सका। खुर्जा में एसडीएम प्रतीक्षा पाण्डेय ने 28 शिकायतें सुनीं, लेकिन एक भी शिकायत का मौके पर समाधान नहीं हो सका, जिससे फरियादियों में निराशा दिखी।
अनूपशहर में एसडीएम प्रियंका गोयल के समक्ष 27 मामले आए, जिनमें से मात्र 1 का निस्तारण हुआ। सिकंदराबाद में एसडीएम दीपक कुमार पाल की अध्यक्षता में सबसे कम 4 शिकायतें आईं, जिनमें से 1 का निपटारा किया गया। डिबाई में 15 शिकायतों में से 2 और स्याना में 15 में से 3 शिकायतों का मौके पर निस्तारण हुआ। हमेशा की तरह इस बार भी समाधान दिवस में भूमि विवाद, अवैध कब्जे और पुलिस से संबंधित शिकायतों की प्रधानता रही। डीएम ने स्पष्ट किया कि पोर्टल पर दर्ज होने वाली शिकायतों के निस्तारण में देरी होने पर संबंधित पटल सहायक और अधिकारी की जवाबदेही तय की जाएगी।
ब्राह्मण सभा ने एसडीएम को सौंपा ज्ञापन
स्याना। सोमवार को क्षेत्रीय ब्राह्मण सभा के कार्यकर्ताओं ने तहसील कार्यालय में एकत्रित होकर मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन एसडीएम रवीन्द्र प्रताप सिंह को सौंपकर भगवान परशुराम जयंती पर प्रदेश में सार्वजनिक अवकाश घोषित किए जाने की मांग की। इस दौरान क्षेत्रीय ब्राह्मण सभा अध्यक्ष सत्यप्रकाश शर्मा ने कहा कि उत्तर प्रदेश में अन्य महापुरुषों की जयंती पर सार्वजनिक अवकाशों की तरह भगवान परशुराम जयंती पर भी सार्वजनिक अवकाश घोषित किया जाना अति आवश्यक है। जिससे सभी वर्गों के लोग इस अवसर पर कार्यक्रमों में भाग ले सकें। सरकार भावनाओं पर विचार करते हुए भगवान परशुराम की जयंती पर सार्वजनिक अवकाश घोषित करें। इस दौरान परमानंद शर्मा, डॉ संजय क्षोत्रिय, राजेंद्र शर्मा, राकेश शर्मा, दुष्यंत शर्मा, जितेंद्र शर्मा व चंद्रभान शर्मा आदि मौजूद रहे।