फटकार के बाद जागे अफसर, किया गोशालाओं का निरीक्षण
बुलंदशहर/औरंगाबाद। जनपद में निराश्रित गोवंश आश्रय स्थलों पर अव्यवस्थाओं के साथ भूख-प्यास से तड़पकर लगातार हो रही गोवंशों की मौत के मामले में डीएम ने संबंधित अफसरों की बैठक बुलाई। अमर उजाला में समाचार प्रकाशित होने के बाद डीएम ने सख्ती बरतते हुए अफसरों को जमकर फटकार लगाई। डीएम के सख्त होते ही अधिकारी सक्रिय हो गए और आश्रय स्थलों का निरीक्षण किया। देर रात हुए निरीक्षण की रिपोर्ट अधिकारी डीएम को सौंपेंगे।
निराश्रित गोवंश आश्रय स्थलों की हालत बद से बदतर हो चुकी है। गोवंशों को न चारा मिल रहा है और न ही पीने को पानी। भीषण गर्मी में भूख-प्यास से तड़पकर गोवंश मर रहे हैं। सोमवार देर शाम अमर उजाला की खबर पर डीएम अभय कुमार सिंह ने मामले को संज्ञान में लिया। डीएम ने संबंधित अधिकारियों बैठक लेकर तत्काल निरीक्षण करने के निर्देश दिए। रात करीब दस बजे सदर तहसीलदार हीरालाल औरंगाबाद की अस्थाई गोशाला पर पहुंचे। निरीक्षण के दौरान तहसीलदार को वहां भूसा नहीं मिला तो वह कर्मचारियों पर भड़क उठे। उन्होंने संबंधित बाबू को मौके पर बुला लिया और तत्काल गोवंशों को भूसे की व्यवस्था करने निर्देश दिए। इस पर संबंधित बाबू ने भूसे का इंतजाम किया। तहसीलदार ने बताया कि डीएम के निर्देश पर रात में सड़कों पर अवारा घूमने वाले गोवंशों का निरीक्षण किया गया। गोशाला में भूसा नहीं था, इसकी व्यवस्था कर दी गई है। लापरवाह लोगों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। वहीं, दूसरी ओर दूसरे अफसरों ने अन्य आश्रय स्थलों का निरीक्षण किया। डीएम अभय सिंह ने सख्त आदेश दिए हैं कि आश्रय स्थलों पर टीन शेड, विद्युत, पानी और चारे की व्यवस्था की जाए। साथ ही वहां पर पौधरोपण भी किया जाए। किसी भी अधिकारी की लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। बैठक में सीडीओ ईशा दुहन सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।