बुलंदशहर।
एक अप्रैल से जिले में 1.56 लाख वाहन नई स्क्रैप नीति के तहत कबाड़ हो गए। इसके लिए संभागीय परिवहन विभाग द्वारा पूर्व में वाहन स्वामी को नोटिस भेज पंजीयन निरस्त किया जा चुका है। कबाड़ हुए वाहनों में सरकारी विभागों में लगे 70 वाहन भी शामिल हैं। कुछ वाहन स्वामी एनओसी ले जा चुके हैं।
प्रदूषण कम करने के लिए केंद्र सरकार की ओर से 15 साल से अधिक उम्र के वाहनों को कबाड़ घोषित करने की प्रक्रिया लंबे समय से चल रही है। जिसके लिए पूर्व में नोटिफिकेशन भी जारी किया जा चुका है। वहीं, जिले में शामिल ऐसे वाहनों के एआरटीओ कार्यालय से फिटनेस व अन्य प्रमाणपत्र जारी होने पर भी रोक लगाई जा चुकी है। विभागीय अफसरों के अनुसार जिले में 31 मार्च की रात को 1,56,077 वाहनों को कबाड़ घोषित कर दिया गया है। इसमें 10 साल पुराने डीजल और 15 साल पुराने पेट्रोल के वाहन शामिल हैं। इन वाहनों में करीब एक लाख 10 हजार वाहनों की आरसी निलंबित और 27,849 वाहनों की आरसी रद्द कर दी गई है। साथ ही 400 से अधिक वाहनों को वाहन स्वामी द्वारा स्वत: नष्ट करवाया गया है। ये वाहन स्वामी यदि नया वाहन लेते हैं तो इन्हें रोड टैक्स के साथ व्यवसायिक वाहनों के टैक्स में 10 से 25 फीसदी तक की छूट मिलेगी। पुराने वाहनों को कबाड़ घोषित करने के पीछे सरकार की मंशा है कि प्रदूषण को कम कर, वाहनों की ईंधन क्षमता को बढ़ाया जाए। इसी कारण वाहन स्क्रैप पॉलिसी लाई गई है।
स्क्रैप सेंटर के लिए तीन ने किया आवेदन
संभागीय तकनीकी निरीक्षक हारून सैफी ने बताया जिले में नई स्क्रैप नीति के तहत स्क्रैप सेंटर खोलने के लिए स्याना, खुर्जा व बुलंदशहर में तीन लोगों ने आवेदन किया। तीनों स्थानों का निरीक्षण किया जा चुका है लेकिन इनमें एक भी सेंटर निरीक्षण में पास नहीं हो सका है। जिसकी वजह मौके पर और आवेदन में जगह एक-समान नहीं मिलना रहा। अब विभाग द्वारा संबंधित से दोबारा आवेदन करवाया गया है जो निरीक्षण में सही मिला तो वहां वाहन नष्ट करवाए जा सकेंगे।
एआरटीओ प्रशासन सतीश कुमार ने कहा कि 10 साल पुराने डीजल और 15 साल पुराने पेट्रोल के 1,56,077 वाहनों की बुलंदशहर जिले में समय सीमा समाप्त होने पर 31 मार्च को कबाड़ घोषित कर दिए गए हैं। इनमें 70 सरकारी विभागों में लगे वाहन भी शामिल हैं। अब वाहन स्वामी को अपना वाहन स्क्रैप कराना होगा। कुछ ऐसे भी वाहन स्वामी हैं जो एनओसी लेकर दूसरे जनपद में वाहन ले गए हैं।