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जिले के 26 गांव हुए कुपोषण से मुक्त

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जिले के 26 गांव हुए कुपोषण से मुक्त
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बुलंदशहर। जिले को कुपोषण से मुक्ति दिलाने के लिए चलाए जा रहे अभियान के सार्थक परिणाम सामने आने लगे हैं। अधिकारियों की सजगता का ही नतीजा रहा कि जिले के 26 गांव पूरी तरह से कुपोषण मुक्त हो गए हैं। अन्य गांवों को कुपोषण मुक्त करने की मुहिम जारी है।
कुपोषण से मुक्ति दिलाने के लिए पिछले दिनों राज्य पोषण मिशन के अंतर्गत जिले में मुहिम शुरू की गई थी। इसके तहत विभिन्न सरकारी विभागों के अधिकारियों को गांव गोद दिए गए। इन अधिकारियों ने विभागीय अफसरों व कर्मचारियों के सहयोग से अब तक जिले की 951 ग्राम पंचायतों के 1176 राजस्व गांव में से 26 को कुपोषण से मुक्त कर दिया है। इसमें स्वास्थ्य विभाग का भी सहयोग रहा है। विभागीय आंकड़ों के अनुसार अभी जिले में लाल श्रेणी में शामिल 7977 बच्चे अति कुपोषित और पीली श्रेणी में शामिल 22246 बच्चे कुपोषित हैं। दावा किया जा रहा है कि चलाई जा रही मुहिम से जिले के शेष गांवों को भी जल्द कुपोषण से मुक्त कर दिया जाएगा।
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यह गांव हो चुके हैं कुपोषण से मुक्त
जिला कार्यक्रम अधिकारी कार्यालय की रिपोर्ट के अनुसार ब्लॉक बुलंदशहर से जुलेपुरा और कमालपुर, खुर्जा ब्लॉक का गांव सिवियाल, गोविला, जमालपुर, फराना, छपना और चिगरावली, सिकंदराबाद ब्लॉक का गांव राजारामपुर, नूरपुर और मलहपुर, स्याना ब्लॉक का गांव करौठी और रवानी कटीरी, अनूपशहर ब्लॉक का गांव हसनपुर बांगर और भाईपुरा, अगौता ब्लॉक का गांव जसनावली खुर्द, गुलावठी ब्लॉक का गांव रसूलपुर और जैनपुर, लखावटी ब्लॉक का गांव फरादपुर और रजवाना, शिकारपुर ब्लॉक का गांव नूरपुर नगलिया, पहासू ब्लॉक का गांव जगदीशपुर, डिबाई ब्लॉक का गांव ढकनगला, ऊंचागांव ब्लॉक का गांव गेसूपुर एवं अरनिया ब्लॉक का गांव पहाड़पुर और रुकनगांव कुपोषण मुक्त हो चुके हैं।
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कोट
जिले के गांवों को कुपोषण से मुक्त करने की मुहिम जारी है। 26 गांव कुपोषण से मुक्त हो चुके हैं, जबकि शेष गांवों को जल्द ही कुपोषण से मुक्त घोषित कर दिया जाएगा। - शुभांगी कुलकर्णी, जिला कार्यक्रम अधिकारी, बुलंदशहर
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