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आंगनबाड़ी केंद्रों में बनेंगे बच्चों के आधार कार्ड

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आंगनबाड़ी केंद्रों में बनेंगे बच्चों के आधार कार्ड
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बुलंदशहर। आंगनबाड़ी केंद्रों पर नामांकन और योजनाओं में फर्जीवाड़ा रोकने के लिए आधार कार्ड अनिवार्य कर दिया गया है। खास बात यह है कि बच्चों के आधार कार्ड आंगनबाड़ी केंद्रों पर ही बनाए जाएंगे। सरकार ने छह वर्ष तक के बच्चों का आधार कार्ड बनवाने के आदेश दिए हैं। वहीं, जिन बच्चों के आधार कार्ड नहीं होंगे, उन्हें पोषाहार, हॉट कुक आदि योजनाओं का लाभ नहीं मिलेगा।
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जिले में करीब 3800 आंगनबाड़ी केंद्र हैं, जहां बड़ी संख्या में बच्चे आते हैं। इन बच्चों को सरकार की योजनाओं के तहत पोषाहार, हॉट कुक आदि उपलब्ध करवाया जाता है। यहां पर बच्चों में कुपोषण दूर करने के लिए महिला बाल विकास पोषाहार विभाग द्वारा अनेक योजनाएं चलाई जा रही हैं। आंगबाड़ी केंद्रों पर पांच माह से लेकर छह साल तक के बच्चे आते हैं। इनमें से अधिकतर का आधार कार्ड नहीं बना है। वहीं, परिषदीय स्कूलों में प्रवेश लेने के लिए कम से कम छह वर्ष आयु सीमा निर्धारित की गई है। परिषदीय स्कूलों के शिक्षक और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता गलत तरीके से आयु के मानक पूरे न करने वाले बच्चों के नाम भी आंगनबाड़ी केंद्र में लिख लेते हैं। एक ही बच्चे के नाम दोनों जगह लिखकर फर्जीवाड़ा किया जाता है। इसके लिए शासन ने आधार नंबर को हथियार बनाया है। भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण यूआईडीआई द्वारा बाल विकास विभाग को आधार कार्ड बनाने के लिए पंजीकृत एजेंसी बनाया गया है। जिसके तहत विभाग के पर्यवेक्षक और कर्मचारियों को आधार कार्ड बनाने का प्रशिक्षण दिया जाएगा। मुख्य विकास अधिकारी ईशा दुहन ने बताया कि अब आंगनबाड़ी में आने वाले प्रत्येक बच्चे का आधार कार्ड बनेगा। इसके लिए केंद्र सरकार ने विभाग को आधार कार्ड बनवाने के लिए नोडल एजेंसी नियुक्त किया है। जल्द ही पर्यवेक्षकों और कर्मचारियों को आधार कार्ड बनवाने का प्रशिक्षण दिया जाएगा। साथ ही प्रयास किया जाएगा कि बच्चों के आधार कार्ड जल्द से जल्द बन जाएं, ताकि फर्जीवाड़ा को रोका जा सके।
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