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आश्रय गृह में अपनों का इंतजार कर रहे बच्चे

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आश्रय गृह में अपनों का इंतजार कर रहे बच्चे
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बुलंदशहर। जिले के घर से भागे बच्चे दूसरे जिलों व राज्यों में अपनों का इंतजार कर रहे हैं। इस समय चार बच्चे दिल्ली और बरेली के आश्रम गृह में रह रहे हैं।
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जिला बाल कल्याण समिति के रजिस्टर में जनवरी से लेकर अब तक जिले से 12 बच्चे घर से भागे। यह सभी बच्चे चार साल से लेकर 14 वर्ष तक के हैं। पिछले माह नई मंडी चौकी क्षेत्र के गांव सेमली निवासी जहीर की 11 वर्षीय बेटी तमन्ना और चार साल का बेटा जाहिद घर से भाग गए। बताया गया कि तमन्ना पहले भी तीन बार घर से बिना बताए चली गई। समिति ने उसे तलाश कर घर तक पहुंचाने का काम किया। इस बार भी वह अपने मासूम भाई के साथ दिल्ली पहुंची और इस समय वह दिल्ली के आश्रय गृह में है। उसकी मां की चार साल पहले मौत हो गई और समिति उसके पिता जहीर से उन्हें वापस लाने के लिए संपर्क कर रही है। इससे पहले गांव बगसरा से आठ साल का बच्चा समीर भी घर से भागा। इस समय वह बरेली में चाइल्ड लाइन की देखरेख में है। बताया गया कि पिता शराबी है और मां की काफी समय मौत हो चुकी है। अब उसे घर लाने के लिए समिति परिजनों से संपर्क कर रही है। इसी तरह काफी समय पहले गांव लुहारली निवासी समीर भी घर से भाग गया था। यह बच्चा इस समय दिल्ली आश्रम गृह में है। समिति ने जब समीर के पिता से संपर्क किया तो काफी प्रयास के बाद भी संपर्क नहीं हुआ। गांव में पता लगाया गया तो पिता को सिकंदराबाद में एक डेयरी पर नौकरी करने की बात सामने आई, लेकिन वह वहां भी नहीं मिला। समिति के सदस्य डॉ. भूपेंद्र कुमार ने बताया कि शेष सभी बच्चों को उनके अभिभावकों तक पहुंचा दिया है। साथ ही जो बच्चे दूसरे जिले और राज्यों के आश्रय गृहों में हैं। उनके अभिभावकों से संपर्क किया जा रहा है।
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