जहांगीराबाद के बाद खुर्जा ब्लॉक प्रमुख की भी कुर्सी हुई खाली
खुर्जा। जहांगीराबाद के बाद अब खुर्जा ब्लॉक प्रमुख की कुर्सी भी खाली हो गई। सोमवार को ब्लाक परिसर में खुर्जा ब्लाक प्रमुख के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पारित हो गया। अविश्वास प्रक्रिया में हिस्सा लेने पहुंचे 69 सदस्याें में से 63 सदस्यों ने ब्लाक प्रमुख मोहित चौधरी के खिलाफ मतदान किया। सपा सरकार में निर्विरोध चुने गए मोहित चौधरी को हटाने के लिए इससे पहले भी योजना बनाई गई थी। लेकिन पिछली बार मतदान उनके पक्ष में होने के कारण विपक्षियों की योजना सफल नहीं हो पाई थी।
समाजवादी पार्टी की सरकार में खुर्जा ब्लॉक से सपा के मोहित चौधरी निर्विरोध ब्लाक प्रमुख चुने गए थे, लेकिन सूबे की भाजपा सरकार बदलने के बाद से ही उनके ऊपर खतरा मंडराना शुरू हो गया था। उन्हें ब्लाक प्रमुख पद से हटाने के लिए विपक्षियों ने विसात बिछानी शुरू कर दी थी। बीजेपी की सरकार बनने के बाद ब्लाक प्रमुख के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव के लिए सपथ पत्र जिलाधिकारी के समक्ष पेश किया गया था लेकिन उसमें सफलता नहीं मिली। दूसरी बार क्षेत्र पंचायत सदस्य विनोद चौधरी सहित 84 सदस्यों ने पिछले माह जिला पंचायती राज अधिकारी को शपथ पत्र देकर कई तरह के आरोप लगाते हुए ब्लॉक प्रमुख के खिलाफ अविश्विास प्रस्ताव की मांग की थी। पूरा मामला संज्ञान में आने पर डीएम अनुज कुमार झा ने ब्लॉक प्रमुख मोहित चौधरी के खिलाफ मांगे गए अविश्वास प्रस्ताव पर आगामी फैसले के लिए 19 नवंबर की तिथि जारी की थी।
एक साल में आठ ब्लॉक प्रमुखों के खिलाफ आए अविश्वास प्रस्ताव
- जिले में आठ ब्लॉकों के प्रमुख के पिछले एक साल से अधिक समय के अंतराल में अविश्वास प्रस्ताव आए। बीडीसी सदस्यों ने शपथ पत्र देकर कई तरह के गंभीर आरोप लगाते हुए अविश्वास प्रस्ताव लाने की मांग की थी। पिछले दिनों जहांगीराबाद ब्लॉक प्रमुख के खिलाफ बीडीसी सदस्यों ने कई आरोप लगाकर अविश्वास प्रस्ताव मांगा था। हालांकि जिला प्रशासन की ओर से बैठक की गई थी और मतदान भी करवाया गया था। इससे पहले ही ब्लॉक प्रमुख ने इस्तीफा दे दिया था। जिसके चलते अविश्वास प्रस्ताव लागू हो गया था। अब खुर्जा ब्लॉक प्रमुख के खिलाफ भी सोमवार को बैठक और मतदान के बाद अविश्वास प्रस्ताव पारिज हो गया है। इससे पहले अरनिया ब्लॉक प्रमुख के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव की मांग की जा चुकी है। हांलाकि मामला इस समय कोर्ट में विचाराधीन है। पूर्व में सिकंदराबाद, गुलावठी और लखावटी के ब्लॉक प्रमुखों के खिलाफ भी अविश्वास प्रस्ताव की मांग के बाद विभागीय अफसरों की मौजूदगी में बैठक और मतदान करा कर यहां दूसरे ब्लॉक प्रमुखों की नियुक्ति हो चुकी है। जबकि स्याना और दानपुर के अविश्वास प्रस्ताव को जांच के बाद खारिज किया जा चुका है।
जहांगीराबाद और खुर्जा ब्लॉक प्रमुख के पद अब रिक्त हो गए हैं। इन ब्लॉकों में नए ब्लॉक प्रमुख के लिए चुनाव होगा। इसके लिए संबंधित विभाग को पत्र लिखा जाएगा। जबकि अरनिया ब्लॉक प्रमुख की कुर्सी पर फैसला कोर्ट के आदेश के बाद ही होगा।
अमरजीत सिंह, जिला पंचायती राज अधिकारी