दिसंबर के प्रथम सप्ताह में चलेगी वेव चीनी मिल
बुलंदशहर। वेव शुगर मिल इस बार दिसंबर के प्रथम सप्ताह में चल सकती है। अभी मिल से 50 हजार कट्टे चीनी का उठान न होने से लगभग 32 करोड़ का बकाया गन्ना पेमेंट भी नहीं हो सकता है। मंगलवार मिल के नवनियुक्त सीजीएम ने चार्ज संभालते ही मिल में चल रहे मरम्मत कार्य का जायजा लिया।
नगर की वेव शुगर को वेव ग्रुप ने बसपा के शासनकाल में मात्र 29 करोड़ में खरीदी थी। इससे पहले यह मिल सरकारी थी और इसका संचालन भी सहकारी गन्ना समिति के माध्यम से होता था। जब से यह मिल वेव ग्रुप ने खरीदी है। तब से लेकर अब तक गन्ना पेराई सत्र के दौरान समय पर नहीं चली। विगत वर्ष भी मिल काफी देरी से चली थी और किसानों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ा था। मिल चलाने के लिए किसानों ने धरना-प्रदर्शन किया था। इसके बाद ही शासन ने मिल को चलाने के आदेश जारी किए थे। अब इस बार गन्ना पेराई सत्र नजदीक हैं, लेकिन अभी मिल में मरम्मत का काम धीमी गति से चल रहा है। इसका कारण यह भी रहा कि मिल में किसी बड़े अधिकारी की अभी तक नियुक्ति नहीं हो सकी थी। वहीं, अभी तक मिल में 50 हजार चीनी के कट्टों का उठान नहीं हुआ है। ऐसे में अभी तक किसानों का करीब 32 करोड़ रुपये बकाया गन्ना पेमेंट नहीं हुआ है। अब नए सीजीएम बीएस चौहान ने चार्ज संभाल लिया है। उन्होंने मंगलवार मिल का जायजा लिया। बीएस चौहान ने बताया कि मिल में मरम्मत कार्य जारी है। लेकिन मिल दिसंबर माह के प्रथम सप्ताह में ही चल सकती है। प्रयास किया जा रहा है कि मिल को जल्द से जल्द चलाया जाए।
तीन मिल चलेंगी नवंबर के प्रथम सप्ताह में
- जिला गन्ना अधिकारी डीके सैनी ने बताया कि जिले की तीन मिल साबितगड़, अनूपशहर और अनामिका अब नवंबर माह के प्रथम सप्ताह में चलेंगी। इसका कारण अभी विभाग से मिलों को गन्ना पेराई का लक्ष्य नहीं मिल सका है। इसके लिए वह पिछले दिनों लखनऊ भी गए थे, लेकिन लक्ष्य नहीं मिलने पर वापस लौट आए थे। अब लखनऊ से संदेश मिलने के बाद ही वह दोबारा जाएंगे और उसके बाद ही लक्ष्य मिल पाएगा।