ओडीएफ की कल होगी घोषणा, नहीं बने पूरे शौचालय
बुलंदशहर। जिले को खुले में शौच से मुक्त करने की घोषणा मंगलवार को होगी। लेकिन जिले में अभी तक पूरे शौचालयों का निर्माण नहीं हुआ। ओडीएफ का काम कागजों में दौड़ रहा है। गांव में अभी भी लोटा परेड जारी है। शासन से समय मिलने के बाद भी अफसर सजग नहीं हुए। चौंकाने वाली बात यह है कि वह बार-बार बयान बदल रहे हैं।
जिले में केंद्र सरकार की घोषणा के तहत वर्ष 2014 में खुले में शौच से मुक्त करने के लिए शौचालय निर्माण की शुरूआत हुई। उस समय वर्ष 2010-12 की जनजगणना के अनुसार जिले में 2.65 लाख घरों को चिन्हित कर उनमें शौचालय बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया था। जिले को ओडीएफ करने के लिए विभागीय अफसरों की ओर से शुरूआत से ही दिए गए बयान कभी सही साबित नहीं हुए। वही, हाल अब है और जिला मंगलवार को ओडीएफ घोषित किया जाना है। सच्चाई यह है कि अभी तक अधिकतर गांवों में पूरे शौचालय नहीं बने। इनमें ऐसे परिवार शामिल हैं, जो काफी गरीब हैं और शौचालय बनवाने में सक्षम नहीं हैं। यही कारण है कि गांवों में लोटा परेड जारी है। इसका खुलासा पिछले दिनों अमर उजाला ने समाचार प्रकाशित कर किया था। चौंकाने वाली बात यह है कि पहले जिला दो अक्तूबर को ओडीएफ घोषित होना था। लेकिन शासन से समय मिलने के बाद भी संबंधित विभाग शौचालय निर्माण का काम पूरा नहीं कर पाया। शौचालय निर्माण का काम पूरा न होने में विभागीय अफसरों के साथ ग्राम प्रधानों की भी शिथिलता सामने आती रही। प्रधानों द्वारा पुराने को नया और नया शौचालय बनवाने के नाम पर अवैध वसूली के आरोप भी लगते रहे। इस तरह की अनेक शिकायत विभाग में लंबित हैं। अब शासन के आदेश पर जिले को मंगलवार ओडीएफ घोषित करने की तैयारी की जा रही है। जिला पंचायती राज अधिकारी अमरजीत सिंह का कहना है कि शौचालय निर्माण का काम पूरा कर लिया है। शासन का आदेश है कि 15 अक्तूबर तक शौचालय निर्माण का काम पूरा कर लिया जाए, जो पूरा हो चुका है। विभाग की ओर से जिले को ओडीएफ करने की तैयारी लगभग पूरी हो चुकी है।