पूर्व सदर विधायक की मौत के मामले में शनिवार को बसपा का प्रतिनिधि मंडल एसएसपी से मिला। बसपाईयों ने पूर्व विधायक की मौत के मामले में एफआईआर दर्ज कराने और निष्पक्ष जांच कराने की मांग की।
10 अक्तूबर की सुबह बसपा के पूर्व सदर विधायक हाजी अलीम का गोली लगा शव उन्हीं के कमरे में पड़ा मिला था। उनके पास से एक पिस्टल पड़ी मिली थी। बंद कमरे में शव पड़े होने के दावे के चलते पुलिस हत्या और आत्महत्या के बीच उलझी हुई है। जिसके चलते पुलिस अभी तक पूरे मामले में किसी परिणाम पर नहीं पहुंच सकी है। वहीं, लगातार दो बार विधायक रहे हाजी अलीम की मौत के बाद बसपा को तगड़ा झटका लगा है।
शनिवार को पूर्व विधायक की मौत के प्रकरण को लेकर बसपा का प्रतिनिधि मंडल जिलाध्यक्ष कमल राजन के नेतृत्व में एसएसपी से मिला। जिस समय बसपा प्रतिनिधि मंडल एसएसपी से मिलने पहुंचे उस समय एसएसपी नगर कोतवाली में मौजूद थे। जिलाध्यक्ष कमल राजन ने मांग की कि सबसे पहले पीड़ित परिजनों की रिपोर्ट दर्ज कराई जाए, इसके बाद प्रकरण की निष्पक्ष जांच की जाए। जिस पर एसएसपी ने निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया। मौके पर प्यारेलाल जाटव, रहीस अब्बासी, देवेन्द्र भारद्वाज, वीर सिंह गौतम, यशपाल सिंह व राजेन्द्र मौजूद रहे।
साक्ष्य नष्ट होने से परेशान पुलिस अधिकारी
पूर्व विधायक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के बाद सबसे पहले परिजन ही उनके कमरे में घुस गए थे। घंटों बाद पुलिस को सूचित करने और पुलिस से पहले लोगों के कमरे में घुसने से साक्ष्य नष्ट हो गए। पुलिस अफसरों का कहना है कि यदि कमरे में घुसने से पहले पुलिस को कमरे में जाने का मौका मिलता तो सबूत मिल सकते थे।