आयुष्मान योजना : ढूंढने के बाद भी नहीं मिल रहे लाभार्थी
बुलंदशहर। सरकारी अस्पतालों में स्वास्थ्य अफसरों के ढूंढने के बाद भी आयुष्मान के लाभार्थी नहीं मिल रहे हैं। मुख्य सचिव के आदेश के बाद अफसरों ने भर्ती मरीजों में आयुष्मान लाभार्थी खोजने का भी अभियान चलाया। इसके बावजूद अभी तक सरकारी अस्पतालों में एक भी आयुष्मान का लाभार्थी नहीं मिला है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 23 सितंबर को देशभर में एक साथ आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना की शुरूआत की थी। योजना के 20 दिन बाद भी योजना से जुड़े जिले के सरकारी अस्पतालों में एक भी आयुष्मान योजना से जुड़ा लाभार्थी भर्ती नहीं हुआ है। जानकारी के अनुसार सोमवार शाम मुख्य सचिव ने वीडियो कांफ्रेंसिंग कर प्रदेश के सभी जिले के अस्पतालों में आयुष्मान लाभार्थी के भर्ती होने की जानकारी मांगी। जिले के स्वास्थ्य विभाग द्वारा एक भी लाभार्थी मरीज भर्ती नहीं होने की जानकारी दी गई। जिस पर मुख्य सचिव ने नाराजगी जाहिर की। एक स्वास्थ्य कर्मी ने बताया कि मंगलवार से जिला अस्पताल में भर्ती एक-एक मरीज से पूछा जा रहा है कि क्या आप या आपके परिजन आयुष्मान योजना से जुड़े हैं। ज्यादातर मरीज आयुष्मान योजना से अंजान होने की जानकारी दे रहे हैं। वहीं, महिला अस्पताल में भी डिलीवरी के लिए आने वाली प्रसूताओं और उनके परिजनों से भर्ती करने से पहले आयुष्मान योजना से जुड़े होने की जानकारी ली जा रही है। इसी तरह योजना से जुड़े अन्य सरकारी अस्पतालों में भी आयुष्मान लाभार्थी की खोज की जा रही है। सीएमओ डॉ. केएन तिवारी ने बताया कि आयुष्मान लाभार्थी को लाभ देने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। 1300 बीमारियों में से कई बीमारियों की सुविधा योजना से जुड़े सरकारी अस्पतालों में है। सरकारी चिकित्सालयों में लाभार्थी उपचार करा सके इसके लिए स्वास्थ्य अफसरों को निर्देश दिए गए हैं।