शाहनवाज बना जिले का पहला आयुष्मान मरीज
बुलंदशहर। नगर के एक निजी अस्पताल में आयुष्मान भारत (प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना) के तहत पहले मरीज के रूप में शाहनवाज की भर्ती हुई। वह बुखार से ग्रस्त है और उसकी नाक से खून बह रहा था। योजना के तहत युवक को यहां निशुल्क उपचार दिया जा रहा है। युवक के परिजनों ने आयुष्मान योजना के लिए प्रधानमंत्री का आभार प्रकट किया है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशभर में आयुष्मान भारत योजना का 23 सितंबर को विधिवत शुभारंभ किया किया था। इसके तहत एक परिवार प्रति वर्ष पांच लाख रुपये तक का उपचार निशुल्क करा सकता है। यह योजना निजी बीमा कंपनियों की कैशलेश स्वास्थ्य बीमा योजना जैसी है, जिसमें संबंधित परिवार को सिर्फ निजी अस्पताल में भर्ती होने के बाद बिना रुपया दिए पांच लाख तक इलाज उपलब्ध कराया जाएगा। जिले में दो निजी अस्पताल राना हास्पिटल और अमयेश हास्पिटल को इससे जोड़ा गया है। गत दो दिन पूर्व फौलादपुर निवासी निवासी युवक शाहनवाज को आयुष्मान योजना के तहत राना हास्पिटल में भर्ती कराया गया। अस्पताल के चिकित्सक युवक का उपचार कर रहे हैं। चिकित्सक डॉ. रविंद्र तेवतिया ने बताया कि युवक जब आया था तो उसकी हालत काफी गंभीर थी, अब युवक की हालत में सुधार है। बताया कि युवक को बेहतर उपचार मुहैया कराया जा रहा है, जो कैशलैश होगा। आयुष्मान एक बेहतरीन योजना है। अस्पताल इससे जुड़ा है और पारदर्शिता के साथ मरीजों को इसका लाभ दिया जाएगा। उधर, सीएमओ डॉ. केएन तिवारी ने बताया कि शाहनवाज जिले का पहला आयुष्मान मरीज है। जिसका योजना से जुड़े एक अनुबंधित अस्पताल से उपचार किया जा रहा है। बताया कि जिले के पांच सरकारी अस्पताल और दो निजी अस्पताल योजना से जुड़े है। लाभार्थी अपना या अपने परिवार का उपचार निशुल्क करा सकते है।
नाममात्र लोगों के ही कार्ड बनने से लाभ से वंचित है लाभार्थी
बुलंदशहर। जिले के नगरीय और ग्रामीण क्षेत्र के एक लाख 82 हजार 684 परिवार आयुष्मान योजना में शामिल है। जानकारी के अनुसार अभी तक जिले में नाममात्र लाभार्थी के कार्ड आयुष्मान केंद्र द्वारा जारी किए गए है। जानकारी न होने और आयुष्मान केंद्र न खुलने की वजह से लाभार्थी आयुष्मान कार्ड से वंचित रह रहे है। जिसकी वजह से लाभार्थी को रुपये खर्च कर अपना उपचार कराना पड़ रहा है। सीएमओ डॉ. केएन तिवारी ने बताया कि आयुष्मान लाभार्थियों को अब परेशानियों का सामना नहीं करना पड़ेगा। जल्द ही लोग अपना नाम सूची में आसानी से देख सकेंगे और मात्र 30 रुपये देकर आयुष्मान कार्ड ले सकेंगे। इसके लिए कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) संचालकों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है।