फसल का अवशेष नष्ट करने वाले कृषि यंत्रों पर मिलेगी सब्सिडी
बुलंदशहर। फसल के अवशेष को नष्ट करने वाले यंत्रों पर 50 प्रतिशत अनुदान दिया जा रहा है। इससे फसल का अवशेष जलाने की बजाय नष्ट करने से भूमि की उर्वरा शक्ति भी बढ़ेगी। साथ ही जलाने से उठने वाले धुएं से पर्यावरण को भी बचाया जा सकेगा।
जिला उप कृषि निदेशक आरपी चौधरी ने बताया कि फसल के अवशेष नष्ट करने के लिए सरकार की ओर से सब्सिडी पर यंत्र देने का निर्णय लिया गया है। शासन ने कागजात जमा करने की तिथि बढ़ा दी है। पहले ये कागजात चार सितंबर तक जमा करने थे। यंत्रों पर भी सरकार ने 50 प्रतिशत की छूट दी हुई है। इच्छुक किसान कृषि विभाग के पोर्टल पर पंजीकरण संख्या के अनुसार कृषि यंत्र की मांग दर्ज कराकर अनुदान का लाभ ले सकते हैं। कृषि यंत्र देने का लक्ष्य सीमित है। जिन किसानों ने अब तक पोर्टल पर पंजीकरण नहीं कराया है, वे नए पंजीकरण के लिए आधार कार्ड, बैंक पासबुक एवं खतौनी की छाया प्रति साथ में लाएं। पंजीकरण की सुविधा प्रत्येक विकास खंड के राजकीय कृषि बीज भंडार एवं उप निदेशक कृषि कार्यालय पर निशुल्क उपलब्ध है। उन्होंने बताया कि बताया कि शासन ने फसल के अवशेष नष्ट करने वाले कृषि यंत्रों पर प्रमोशन ऑफ एग्रीकल्चर मैकेनाइजेशन फॉर इन सीटू मैनेजमेंट ऑफ क्रॉप रेज्ड्यू योजना में छूट दी हुई है। इसमें कृषि यंत्र सुपर स्ट्रा मैनेजमेंट सिस्टम, तीन प्रकार के हैप्पी सीडर, मल्चर, माउंटेड, ट्रेल्ड व कंबो टाइप स्ट्राचापर, श्रम मास्टर/कटर कम स्प्रेडर, रिवर्सेबिल एमबी प्लाऊ, रोटरी श्लेसर, कई प्रकार जीरोटिल सीडड्रिल टाइन व रोटावेटर शामिल हैं। इन सभी पर 50 प्रतिशत का अनुदान है।