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...वो मांग रही थी सुरक्षा, लेकिन मिला था सिर्फ दिलासा

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पुलिस होती एक्शन में तो नहीं होता एसिड अटैक
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बुलंदशहर। बहुविवाह-तीन तलाक और हलाला के खिलाफ आवाज बुलंद करने वाली रानी को पुलिस की लचर रवैये का शिकार होना पड़ा। अगर पुलिस सतर्क रहती तो रानी पर एसिड अटैक नहीं होता। इस वारदात के बाद लोग पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर रहे हैं। हालांकि वारदात के बाद पुलिस रानी को सुरक्षा व्यवस्था मुहैया कराने और आरोपियों को गिरफ्तार करने का का दंभ भर रही है।
अगौता थाना क्षेत्र के गांव जौलीगढ़ निवासी रानी उर्फ शबनम पत्नी मुजम्मिल पर बृहस्पतिवार को उसका देवर अपने साथी पूर्व प्रधान के साथ दिनदहाड़े एसिड अटैक किया। घटना स्थल पर उस वक्त काफी लोग मौजूद थे। आरोपियों के हौसले बुलंद होने का एक बड़ा कारण जिला पुलिस की कार्यप्रणाली लोग मान रहे हैं। रानी उर्फ शबनम बीते दिनों भी वरिष्ठ अधिकारियों से सुरक्षा की गुहार लगा चुकी है। जब से उसने सुप्रीम कोर्ट में डा. शमीना के साथ याचिका दायर की तब से ही ससुरालीजन और कुछ अन्य ग्रामीण उसके खिलाफ हो गए। आए दिन उसे धमकियां दी जा रही थी। इसी के तहत बीते दिनों उसके साथ मारपीट की गई। शबनम ने बताया कि उसके पति ने भी उसकी हत्या की कोशिश की थी, लेकिन आरोपियों के खिलाफ पुलिस समेत अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया। यदि पुलिस समय रहते रानी को सुरक्षा मुहैया कराती या फिर उसके मामलों में सही से कार्रवाई करती तो शायद बृहस्पतिवार को उस पर एसिड अटैक जैसी वारदात नहीं होती।
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यह है मामला
बीते दिनों पीड़िता रानी उर्फ शबनम ने अमर उजाला से हुई विशेष बातचीत में बताया था कि उसका निकाह करीब 12 वर्ष पूर्व अगौता के गांव जौलीगढ़ निवासी मुजम्मिल के साथ हुआ था। आरोप था कि ससुरालीजन निकाह के बाद से ही अतिरिक्त दहेज की मांग की खातिर उसे प्रताड़ित कर रहे थे। निकाह के बाद पीड़िता ने तीन बच्चों को जन्म दिया, लेकिन ससुरालीजन अपनी मांगों पर डटे रहे। करीब डेढ़ वर्ष पूर्व उसके पति ने तीन तलाक बोल उसे खुद से जुदा कर दिया। बाद में पीड़िता ने समाजसेवी व सुप्रीम कोर्ट में बहुविवाह, तीन तलाक व हलाला के खिलाफ याचिका दायर करने वाली मुख्य याचिकाकर्ता डा. शमीना का सहारा मिलने पर कुप्रथाओं के खिलाफ आवाज बुलंद की थी। उसके बाद रानी जबरन अपने ससुराल में रहकर अपने हक के लिए लड़ रही थी। आरोपी पति उसे अपने दोस्त के साथ हलाला के लिए कई बार मजबूर कर चुका है, लेकिन वह अपने इरादों पर डटी रही और अपनी आवाज दबने नहीं दिया।
पीड़िता को मुहैया कराई गई सुरक्षा
जिला अस्पताल से हायर मेडिकल सेंटर रेफर करने के बाद रानी को सुरक्षा व्यवस्था मुहैया करा दी गई है। हायर सेंटर में उपचार के दौरान उसके साथ पुलिसकर्मी साए की तरह नजर आएंगे। यही नहीं, भविष्य में भी पुलिस अधिकारी उसे अब सुरक्षा देने का आश्वासन दे रहे हैं।
गनीमत रही कि चेहरे पर नहीं गिरा तेजाब
आरोपियों ने रानी पर एसिड अटैक बीच बाजार किया। इस दौरान गनीमत रही कि आरोपियों द्वारा फेंका गया तेजाब उसके चेहरे व शरीर के नाजुक अंगों पर नहीं गिरा। अन्यथा हादसा और भी अधिक बुरा हो सकता था।
चौकी से मात्र 300 मीटर दूर हुई वारदात
बुलंद हौसलों के साथ आए आरोपियों ने डिप्टी गंज चौकी से मात्र करीब 300 मीटर और नगर कोतवाली से भी लगभग 300-400 मीटर दूर वारदात को अंजाम दिया।
भीड़ से बचकर भागे थे आरोपी
घटना के दौरान रानी की चीख पुकार सुन कर मौके पर लोग एकत्रित हो गए। लोगों को आता देख कर आरोपी मौके से भीड़ का फायदा उठाकर भागने में कामयाब हो गए। हालांकि बाद में पुलिस ने दोनों आरोपियों को धर दबोचा।
कोट..
यदि रानी उर्फ शबनम को पूर्व में की गई शिकायतों के आधार पर सुरक्षा उपलब्ध करा दी जाती या फिर आरोपियों के खिलाफ पुलिस ने सख्त एक्शन लिया होता, तो एसिड अटैक जैसी वारदात से रानी को बचाया जा सकता था। आरोपियों के हौसले इतने बुलंद नहीं होते। - डा. शबनम, समाजसेवी, मुख्य याचिकाकर्ता बहुविवाह-तीन तलाक और हलाला।
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- अगौता थाने में पीड़िता के पति के खिलाफ एक मामला दर्ज है। उसकी जांच की जा रही है। फिलहाल उसे सुरक्षा प्रदान कर दी गई है। पुराने मामलों की भी जांच की जा रही है, अब जांच के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। - केबी सिंह, एसएसपी बुलंदशहर
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