फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अब आसान नहीं होगा सभी को छात्रवृति पाना

विज्ञापन
विज्ञापन
अब आसान नहीं होगा सभी को छात्रवृत्ति पाना
विज्ञापन

- सामान्य वर्ग के छात्र को 60 और पिछड़े वर्ग के छात्र के 50 फीसदी अंक जरूरी
- छात्रवृत्ति के लिए अंकों के आधार पर बनेगी मेरिट, अनुसूचित को मिलेगी छूट
अमर उजाला ब्यूरो
बुलंदशहर। अब छात्र-छात्राओं को छात्रवृत्ति पाना आसान नहीं होगा। 10 वीं के बाद की पढ़ाई में छात्रवृत्ति (शुल्क प्रतिपूर्ति) के लिए सरकार ने बदलाव किया गया है। इसके तहत सामान्य वर्ग के छात्रों को 60 और अल्पसंख्यक व पिछड़ा वर्ग के छात्रों को 50 फीसद अंक जरूरी होंगे, तभी वह छात्रवृत्ति के हकदार होंगे। इसमें एससी-एसटी वर्ग के छात्रों को छूट दी गई है।
विज्ञापन

समाज कल्याण विभाग से इंटर से लेकर इंजीनियरिंग और डाक्टरी तक की पढ़ाई कर रहे छात्रों को छात्रवृत्ति मिलती है। अब सरकार द्वारा किए गए बदलाव के तहत छात्र-छात्राओं को छात्रवृत्ति पाने के लिए पढ़ाई में मेहनत करनी होगी। अंक प्रतिशत के आधार पर ही छात्र छात्रवृत्ति का दावा कर सकेंगे। सामान्य वर्ग के छात्रों को छात्रवृत्ति के लिए प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण होना पड़ेगा। अभी तक मैनेजमेंट कोटे से प्रवेश लेकर कम अंक वाले विद्यार्थियों भी इसका लाभ पाते हैं। जिला विद्यालय निरीक्षक आरके तिवारी ने बताया कि सरकार की ओर से छात्रवृत्ति में बदलाव किया गया है। इस बार आनलाइन आवेदन करने की छूट है। विद्यालय आवेदनों को डीआईओएस को भेजेंगे और वह सत्यापन कर समाज कल्याण अधिकारी को देंगे। पैसा विद्यार्थी के खाते में सीधे भेजा जाएगा। आवेदनों में त्रुटि मिलने पर छात्र के मोबाइल पर मैसेज जाएगा। उन्हें तीन दिन में गलती सुधारनी होगी। उन्होंने बताया कि छात्रवृत्ति के नए नियमों के तहत पहले सरकारी, इसके बाद अर्ध सरकारी और फिर प्राइवेट संस्थाओं के विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति दी जाती थी। अब अंकों की मेरिट के आधार पर वितरण सूची में प्राथमिकता दी जाएगी। इंटर तक के छात्र 31 अगस्त और इंजीनियरिंग आदि उच्च शिक्षा ग्रहण करने वाले छात्र 30 सितंबर तक आवेदन कर सकेंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें