कचरा बीनने से मिलेगी मुक्ति, जलेगी शिक्षा की ‘लौ’
- सीडीओ ने नगर में कचरा बीनने वाले बच्चों को शिक्षित करने का उठाया बीड़ा
- शिक्षक दिवस से नगर में शुरू होगा ऐसे बच्चों का स्कूल
अमर उजाला ब्यूरो
बुलंदशहर। नगर के बाजारों और गलियों में कचरा बीनने वाले बच्चे अब पढ़ाई करेंगे। ऐसे बच्चों को शिक्षित करने के लिए मुख्य विकास अधिकारी ने बीड़ा उठाया है, उनकी इस पहल से जहां शिक्षा की लौ जलेगी वहीं बच्चों को कचरा बीनने से मुक्ति मिलेगी। ऐसे बच्चों का स्कूल नगर में शिक्षक दिवस पर शुरू होगा।
ऐसे बच्चों के लिए नगर में एक स्कूल चलाया जाएगा, जहां उन्हें प्रवेश दिलाकर शिक्षा दी जाएगी। इसके लिए सीडीओ ने अपनी तैयारी कर ली है और इसमें बेसिक शिक्षा विभाग सहित अन्य सरकारी कार्यालय के अफसर व कर्मचारियों का भी सहयोग लिया जाएगा। जिले में प्रत्येक वर्ष बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से स्कूल न जाने वाले बच्चों को स्कूल में प्रवेश दिलवाने के लिए हाउस होल्ड सर्वे चलाया जाता है। यह सर्वे एक बार फिर चलाया जा रहा है। हर बार सर्वे चलाए जाने के बाद भी अक्सर बच्चों को स्कूल जाने की बजाय नगर के बाजारों और गलियों में कचरा बीनते देखा जा सकता है। इतना ही नहीं कम उम्र के बच्चों को चाय की दुकान, रेहड़ी आदि पर बाल मजदूरी करते भी देखा जा सकता है। हालांकि डीएम अनुज कुमार झा ने बेसिक शिक्षा विभाग के अफसरों को स्कूल न जाने वाले बच्चों को स्कूल में प्रवेश करवाने के लिए हाल ही में बैठक लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर चुके हैं।
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बच्चों को चिन्हित कर किया जाएगा संपर्क
- योजना के अंतर्गत सबसे पहले नगर में कचरा बीनने वाले बच्चों को चिन्हित किया जाएगा। इसके बाद बच्चों के अभिभावकों से संपर्क कर अपने बच्चों को शिक्षित करने के लिए स्कूल भेजने के लिए जागरूक किया जाएगा। बच्चों को शिक्षा के साथ अन्य सुविधाएं भी मुहैया करवाई जाएंगी।
कोट
नगर में कचरा बीनने वाले बच्चों को शिक्षित करने के लिए एक कार्ययोजना बनाई है। ऐसे बच्चों का नगर में स्कूल खोला जाएगा और इस स्कूल की शुरूआत शिक्षक दिवस से की जाएगी। बच्चों को शिक्षित करने और इस स्कूल के संचालन के लिए लगभग सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।
- ईशा दुहन, मुख्य विकास अधिकारी, बुलंदशहर।