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संसद में भी उठी जनपद में विश्वविद्यालय बनाने की मांग

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संसद में भी उठी जनपद में विश्वविद्यालय बनाने की मांग
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बुलंदशहर। जिले में विवि की मांग अब संसद में भी गूंज रही है। सांसद डॉ. भोला सिंह ने संसद में विवि की मांग रखते हुए सरकार से सौगात देने का आह्वान किया है। अमर उजाला ने जिले में विवि की मांग को लेकर एक मुहिम चलाई है, जिसे समाज के हर वर्ग का समर्थन मिल रहा है।
जिले के कालेजों में सीटों की कमी और छात्र-छात्राओं की समस्या को देखते हुए अमर उजाला ने जिले में विश्वविद्यालय की मांग के लिए मुहिम चलाई थी। मुहिम में राजनैतिक पार्टियों, व्यापारियों, अधिवक्ताओं, छात्र संगठन के अलावा सामाजिक और अन्य संगठनों ने भी मांग को जायज ठहराते हुए केंद्र व प्रदेश सरकार से विश्वविद्यालय बनवाने की मांग की। अब अमर उजाला की पहल को एक कदम और बढ़ाते हुए सांसद डॉ. भोला सिंह ने जिले में विवि के लिए संसद में आवाज उठाई है। कहा कि बुलंदशहर जिला उच्च शिक्षा के क्षेत्र में पिछड़ा हुआ है। सरकारी और सहायता प्राप्त कॉलेजों की कमी के चलते हजारों छात्र-छात्राएं इंटर पास करने के बाद उच्च शिक्षा से वंचित रह जाते हैं। सांसद ने मांग की है कि जिले के युवाओं के हित में विवि बनाया जाए।
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राज्यपाल ने मुख्यमंत्री को लिखा था पत्र
- खुर्जा क्षेत्र के युवाओं द्वारा जुलाई माह में जिले में विवि की मांग को लेकर राज्यपाल से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा था। राज्यपाल ने युवाओं के पत्र के आधार पर मुख्यमंत्री को आवश्यक कार्रवाई के लिए पत्र लिखा था।
इन मांगों को भी सांसद ने सदन में रखा
- सांसद डॉ. भोला सिंह ने सदन में बताया कि बुलंदशहर एनसीआर में आता है, लेकिन एनसीआर की तर्ज पर यहां विकास नहीं हुआ है। उन्होंने मांग कि है कि बुलंदशहर से दिल्ली के लिए सीधी रेल सेवा शुरू की जाए। साथ ही बुलंदशहर तक सर्वे कराकर मेट्रो की सुविधा देने की मांग की है। सांसद ने कहा कि जिले में बड़े पैमाने पर कृषि और दूध का उत्पादन होता है, लेकिन ट्रेन की सुविधा के अभाव में व्यापारी अपना व्यापार बढ़ा नहीं पा रहे हैं। उन्होंने कहा कि बुलंदशहर को एनसीआर की सारी सुविधाएं दी जाएं।
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जनसंख्या नियंत्रण कानून बनाने की मांग
- सांसद डॉ. भोला सिंह ने नौ जुलाई को सदन में शून्य काल के दौरान देश में बढ़ती जनसंख्या पर चिंता व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि देश में जनसंख्या नियंत्रण करना अति आवश्यक है और इसके लिए ठोस कानून बनाकर सख्ती से पालन कराया जाए और कानून पालन न करने वालों को सरकारी योजनाओं से वंचित रखा जाए।
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