न खुले स्कूल, न पहुंचे शिक्षक और बच्चे
बुलंदशहर। जिले में रविवार को डीएम से लेकर बीएसए तक के आदेश को शिक्षकों ने दरकिनार करते हुए उसकी धज्जियां उड़ा दी। न तो आधे से अधिक स्कूल खुले और न ही शिक्षक और बच्चे ही पहुंचे। जो शिक्षक स्कूल में पहुंचे, वह भी ड्यूटी देकर वापस लौट गए। कहीं भी पल्स पोलियो अभियान और जनगणना में शिक्षकों का सहयोग नहीं दिखाई दिया।
जिला प्रशासन की ओर से रविवार को जिले में पल्स पोलियो अभियान और जनगणना के कार्य में शिक्षक और परिषदीय स्कूलाें के कक्षा तीन से आठवीं तक के बच्चों का सहयोग लेने का निर्णय लिया गया था। डीएम अनुज कुमार झा के आदेश पर बीएसए ने शनिवार को ही आदेश जारी कर दिया था कि रविवार को परिषदीय स्कूलों में अवकाश नहीं रहेगा। स्कूल सुबह समय पर खुलेंगे एवं शाम पांच बजे बंद होंगे। आदेश यह भी दिया गया था कि शिक्षक टोली बनाकर बच्चों को पोलियो की दवा पिलवाने के लिए घर से लेकर आएंगे। लेकिन इन आदेशों का खास असर दिखाई नहीं दिया। नगर क्षेत्र के परिषदीय स्कूलों का निरीक्षण करने पर पाया गया कि आधे से अधिक स्कूल खुले ही नहीं और न ही शिक्षक और बच्चे पहुंचे। जिन स्कूलों में शिक्षक पहुंचे तो वहां बच्चे नहीं थे और जहां बच्चे थे वहां शिक्षक गायब थे। ग्रामीण क्षेत्र के दूर-दराज वाले अधिकतर स्कूलोें के ताले भी नहीं खुले। पुलिस लाइन स्थित प्राइमरी स्कूल का निरीक्षण किया तो वहां ताले लटके थे और शिक्षक गायब थे। मोतीबाग सब्जी मंडी के पास प्राथमिक स्कूल में शिक्षिका स्कूल में थी और बच्चे गायब मिले। देवीपुरा प्रथम स्थित स्कूल में भी कुछ इसी तरह की स्थिति पाई गई। देवीपुरा क्षेत्र के हरिचंद नगर स्थित एक स्कूल में कुछ बच्चे थे और दूसरे स्कूल से बच्चे गायब थे। शिक्षकों का तर्क था कि बच्चे खीर खाकर घर लौट गए हैं। कुल मिलाकर डीएम से लेकर बीएसए के आदेशों का शिक्षकों ने पालन नहीं कर अपनी मनमानी का सबूत दे दिया है।
अवकाश के नाम पर खीर बनाने में होगा खेल
रविवार को परिषदीय स्कूल खोलने के साथ बच्चों को खीर बनाकर खाने के लिए देने के भी बीएसए ने आदेश दिए थे। निरीक्षण में नगर के एक स्कूल में खीर मिली, जबकि दूसरे स्कूलों में खीर बनी ही नहीं। इसी तरह ताले बंद स्कूलों में भी खीर नहीं बनी। ऐसे में अब अवकाश के नाम पर खीर बनने में भी शिक्षक खेल करेंगे। यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी इस तरह के मामले सामने आते रहे हैं। चर्चा है कि जहां स्कूल नहीं खुले, वहां के शिक्षक खीर बनाने के नाम पर एमडीएम में उसकी राशि शामिल कर देंगे और इस तरह से उनकी जेब भी गर्म होगी।
आदेश के बाद भी जो स्कूल नहीं खुले और जहां शिक्षकों ने आदेश का पालन नहीं किया। इसकी जांच करवाई जाएगी। खंड शिक्षा अधिकारियों को आदेश दिए जाएंगे। जांच रिपोर्ट मिलने पर कार्रवाई की जाएगी। शिक्षकों की किसी तरह की मनमानी नहीं चलने दी जाएगी। - अंबरीष कुमार, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी।