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अब पूरे मंडल में लागू होगा ई-रवन्ना का आदेश

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अब पूरे मंडल में लागू होगा ई-रवन्ना का आदेश
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- राशन की कालाबाजारी रोकने के लिए ज्वाइंट मजिस्ट्रेट ने बनाई थी योजना
- गोदाम से माल डीलर तक पहुंचने के दौरान की जाएगी निगरानी
- आरएफसी मेरठ ने आदेशों को मंडल में लागू करने के दिए निर्देश
अमर उजाला ब्यूरो
बुलंदशहर। राशन की कालाबाजारी पर रोक लगाने के लिए ज्वाइंट मजिस्ट्रेट के ई-रवन्ना प्रस्ताव को मंडल में लागू किया गया है। आरएफसी मेरठ ने आदेश जारी करते हुए जनपदों में इसके पालन के निर्देश दिए हैं। इससे आसपास के जिलों में भी राशन की कालाबाजारी पर रोक लगेगी।
जनवरी 2018 में ज्वाइंट मजिस्ट्रेट व एसडीएम सदर अरविंद सिंह ने राशन की कालाबाजारी रोकने के लिए तत्कालीन डीएम डॉ. रोशन जैकब को ई-रवन्ना प्रस्ताव के सुझाव दिए थे। सुझाव को डीएम ने पहले तहसील और फिर जिले में आदेश बनाकर लागू किया था। साथ ही मंडल के अफसरों को भी उक्त सुझाव को भेजा था। अब संभागीय खाद्य नियंत्रक मेरठ ने खाद्य विपणन अधिकारियों को ज्वाइंट मजिस्ट्रेट अरविंद सिंह के प्रस्ताव को मेरठ मंडल के सभी छह जिलों बुलंदशहर, हापुड़, मेरठ, गाजियाबाद, नोएडा, बागपत में लागू करने के आदेश दिए हैं। ज्वाइंट मजिस्ट्रेट (एसडीएम सदर) रविंद सिंह ने बताया कि संभागीय खाद्य नियंत्रक के आदेश प्राप्त हो गए हैं। भेजे गए प्रस्ताव को मेरठ मंडल में लागू किया गया है। प्रस्ताव को मंडल पर लागू किए जाने से राशन की कालाबाजारी पर रोक लगेगी।
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यह होता है ई-रवन्ना प्रस्ताव
ई-रवन्ना प्रस्ताव के तहत डीलर को राशन डीलर को गोदाम से माल उठाने के बाद उसकी जानकारी व्हाट्सएप पर संबंधित एसडीएम को भेजनी होती है। इसमें गोदाम से डीलर की दुकान तक पहुंचने के लिए न्यूनतम दूरी तय की गई थी। अंत में ग्राम पंचायत सचिवों को जिम्मेदारी दी गई थी कि वह डीलर की दुकान पर पहुंचकर कोटे का सत्यापन कर मौके से एक फोटो खींचकर संबंधित एसडीएम को भेजें। तय समय से अधिक समय रास्ते में व्यतीत करने पर राशन डीलर को एसडीएम को अधिक समय लगने के बारे में जानकारी देनी होती है। अन्यथा की स्थिति में राशन को डीलर को कार्रवाई झेलनी पड़ सकती है।
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