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आदेश ताक पर, जमकर हो रही राशन की कालाबाजारी

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राशन कार्डों में क्यूआर कोड रोकेगा फर्जीवाड़ा
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- राशन कार्ड के क्यूआर कोड को स्कैन करते ही परिवार का पूरा ब्योरा होगा सामने
- अब राशन कार्ड पर किसी दल और सरकार के मुखिया की नहीं होगी फोटो
अमर उजाला ब्यूरो
बुलंदशहर। अब राशन कार्ड में फर्जीवाड़ा नहीं होगा। इसे रोकने के लिए विभाग ने कार्ड पर क्यूआर (क्वीक रिसपांस) कोड लगाएगा। इसके स्कैन करने से कार्ड धारक का पूरा ब्योरा सामने आ जाएगा। साथ ही कार्ड पर अब किसी दल, सरकार के मुखिया की फोटो भी नहीं होगी।
केेंद्र सरकार ने फूड सिक्योरिटी योजना चलाकर सस्ता गेहूं और चावल पात्र परिवारों को देने की शुरूआत की है। वर्ष 2016 से जिले में शुरू हुई इस योजना में 6.50 लाख परिवार शामिल हैं, लेकिन जब से यह योजना शुरू शुरू हुई है तब से लेकर अब तक भ्रष्टाचार की शिकायतों का भरमार है। फर्जी राशन कार्ड, एक आदमी का दो-दो राशन कार्ड, यूनिट के हिसाब से राशन मिलना आदि कारणों से जहां सरकार का पैसा व्यय होता है। वहीं, पात्र गरीबों को उनका लाभ भी नहीं मिल पाता। इसको देखते हुए शासन ने योजना को और पारदर्शी बनाने के लिए नए राशन कार्ड छापने का निर्णय लिया है। इस नए कार्ड पर क्यूआर कोड लगा होगा। इसमें पात्र का नाम पता, आधार नंबर, पैन नंबर, बैंक खाता नंबर सहित पूरा ब्योरा दर्ज होगा। कोड को स्कैन करते ही पूरा ब्योरा सामने आ जाएगा। इसके अलावा इस बार हर व्यक्ति को कार्ड मिलेगा। वहीं, किसी के पास दो कार्ड होने की जांच की जाएगी। इसके अलावा अब राशन कार्ड पर किसी दल या सरकार के मुखिया का फोटो नहीं होगा। बता दें कि सपा सरकार में बनाए गए राशन कार्डों पर तत्कालीन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की फोटो व पार्टी के झंडे की तरह हरी व लाल पट्टियां थी। इन राशन कार्डों को योगी सरकार ने वापस मंगवाकर नए राशन कार्ड बनाने का फैसला लिया है। जिला पूर्ति अधिकारी, बुलंदशहर केबी सिंह ने बताया कि नए राशन कार्ड में क्यूआर नंबर फर्जीवाड़े पर रोक लगाएगा। शासन की इस नई व्यवस्था से पात्रों को ही फूड सिक्योरिटी योजना का लाभ मिलेगा। इसके लिए शासन व विभाग से मिले आदेश पर ही जिला स्तर पर काम किया जाएगा।
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नए राशन कार्ड पर ये होगा अंकित
नए राशन कार्ड में अब क्यूआर कोड के साथ पात्र परिवार के मुखिया की फोटो, नाम पता, माता-पिता, पति का नाम, जन्म तिथि, मोबाइल नंबर, गैस कनेक्शन संख्या व कोटेदार का नाम भी अंकित होगा।

6.98 रुपये में मिलेगा 16.98 रुपये का कार्ड
प्रदेश सरकार ने नए राशन कार्ड प्रिंट कराने की जिम्मेदारी राज्य कर्मचारी कल्याण निगम को दी है। निगम टेंडर के माध्यम से जिले वार कार्ड प्रिंट कराएगा। कार्ड प्रिंट करवाने पर 16.98 रुपये का खर्च आएगा, जबकि राशन कार्ड धारक से मात्र 6.98 रुपये ही लिए जाएंगे। साथ ही राशन कार्ड की गुणवत्ता की जिम्मेदारी आपूर्ति विभाग की होगी।


आदेश ताक पर, जमकर हो रही राशन की कालाबाजारी
- राशन डीलर एफसीआई गोदाम से ही उठाते हैं कम माल
- बचे राशन को एफसीआई अफसर कर देते हैं ब्लैक
- ज्वाइंट मजिस्ट्रेट ने पूरा माल उठाने के लिए लागू की थी नई योजना
अमर उजाला ब्यूरो
बुलंदशहर। सरकारी आदेशों को धता बताते हुए राशन की कालाबाजारी बेलगाम जारी है। राशन डीलर गोदाम अफसरों की मिलीभगत से जानबूझकर कोटे से कम माल लेते हैं और उसे अन्य गाड़ियों में भर कर बाजार में बेच देते हैं।
राशन डीलरों के स्तर पर राशन की कालाबाजारी रोकने के लिए सरकार लाख प्रयास कर रही है। इसी कड़ी में ज्वाइंट मजिस्ट्रेट व एसडीएम सदर अरविंद सिंह ने भी एक आदेश लागू कर राशन की कालाबाजारी रोकने के लिए कदम उठाया था। इसके अनुसार राशन का कोटा उठान के साथ ही डीलर द्वारा संबंधित एसडीएम के फोन पर मैसेज भेजा जाना था, जबकि इसके बाद ग्राम सचिव द्वारा राशन के दुकान पर पहुंचने की संस्तुति करते हुए मौके की फोटो भेजनी थी। साथ ही ग्राम सचिव को मौके पर्ची के आधार पर राशन का भी सत्यापन करना था। ज्वाइंट मजिस्ट्रेट के आदेशों के बाद कुछ दिनों तक कालाबाजारी पर अंकुश लगा था, लेकिन अब हालात फिर से बिगड़ चुके हैं। सूत्रों ने दावा किया है कि राशन डीलरों ने गोदाम अफसरों से मिलकर कालाबाजारी की नई तरकीब निकाल ली है। इसके तहत डीलर प्रतिमाह के अपने कोटे के राशन में कुछ राशन गोदाम में छोड़ देते हैं। जबकि अगली गाड़ी में अतिरिक्त राशन को भरकर बाजार में बेच दिया जाता है। राशन डीलरों की कारगुजारी से अफसरों के बनाए गए नियम बौने साबित हो रहे हैं।

कोट
राशन की कालाबाजारी बहुत बड़ा अपराध है। इसको रोकने के लिए समय-समय पर कार्रवाई की जाती रही है। आगे भी जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। - अरविंद सिंह, ज्वाइंट मजिस्ट्रेट (एसडीएम सदर)

विधवा ने राशन डीलर पर लगाया कालाबाजारी का आरोप
शिकारपुर । क्षेत्र के गांव कैलावन निवासी विधवा महिला हरप्यारी पत्नी स्वर्गीय सरदार सिंह ने बृहस्पतिवार को डीएम को शिकायत पत्र देकर गांव के राशन डीलर पर अंत्योदय कार्ड पर जारी राशन की कालाबाजारी करने का आरोप लगाया है। जिलाधिकारी ने उपजिलाधिकारी को जांच के आदेश दिए हैं।
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विकास खंड क्षेत्र के गांव कैलावन निवासी विधवा हरप्यारी ने बताया कि उसके नाम से अंत्योदय कार्ड बना हुआ है। परंतु राशन डीलर उसे राशन नहीं देता है। जब भी वह राशन डीलर के पास राशन लेने के लिए दुकान पर जाती है तो राशन डीलर उसका नाम राशन कार्ड सूची में शामिल न होने की बात कहकर वापस कर देता है। उसने बताया कि उसका नाम राशन कार्ड की ऑनलाइन सूची में अंकित है। महिला ने आरोप लगाया कि राशन डीलर द्वारा उसके नाम पर जारी किए गए राशन को वितरण रजिस्टर में फर्जी हस्ताक्षर/अंगूठा बेच देता है। महिला ने राशन वितरण रजिस्टर में अंकित अंगूठा निशानी की छाया प्रति संलग्न की है। महिला ने मामले की जांच कराकर राशन डीलर के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। महिला ने शिकायत पत्र की प्रति मुख्य सचिव उप्र सरकार, आयुक्त मेरठ मंडल और केंद्रीय खाद्य मंत्री को भी भेजी है। ब्यूरो
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