इंसाफ की जंग लड़ रही फरजाना को मिल रही धमकियां
- मुस्लिम महिलाओं के अधिकारों की लड़ाई लड़ रही सिकंदराबाद की बेटी
- तीन तलाक, हलाला पर आवाज बुलंद की तो मिल रही जान से मारने की धमकी
अमर उजाला ब्यूरो
सिकंदराबाद। इंसाफ के लिए जंग लड़ रही फरजाना को लगातार धमकियां मिल रही हैं। बस, उसका कसूर इतना है कि वह मुस्लिम महिलाओं के शोषण के खिलाफ आवाज बुलंद कर रही है। उसने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर तीन तलाक, बहुविवाह व हलाला को असंवैधानिक करार दिए जाने की अपील की है।
नगर निवासी फरजाना ने बताया कि 25 मार्च 2012 को उसकी शादी गांव कासना जनपद गौतमबुद्ध नगर निवासी अब्दुल कादिर के साथ हुई थी। शादी के कुछ दिन बाद उसे जानकारी हुई की कादिर के उसकी मुंह बोली मां के साथ अवैध संबंध हैं। विरोध करने पर वह उसके साथ मारपीट करता था। विरोध के चलते वह उसे किराए के मकान में ले गया। वहां से बिना बताए वह 15-15 दिन तक गायब हो जाता था। उसे खाने के लिए भी कुछ नहीं मिलता था। गर्भवती होने के कारण भूख व तंगहाली से हालत बिगड़ने पर उसके मायके वाले उसे अपने साथ ले आए। बताया कि वर्ष 2014 में जब वह उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती थी, तो उसने अपने पति के पास नोटिस भेजकर तीन तलाक देने की बात कही। इसी दौरान पीड़िता ने बेटी जोया को जन्म दिया। पुलिस में शिकायत करने पर पति ने दबंगों के जरिए उन्हें आतंकित करते हुए फैसले के लिए दबाव बनाया। अधिकारियों से शिकायत के बाद पुलिस ने आरोपी पति व तथाकथित ससुरालियों के खिलाफ दहेज उत्पीड़न की रिपोर्ट तो दर्ज कर ली, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई। बताया कि उसने तीन तलाक, हलाला बहुविवाह को असंवैधानिक करार दिए जाने और न्याय के लिए समाज सेवी समीना के माध्यम से सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी। जिसपर 23 जुलाई को सुनवाई हुई। सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर करने की जानकारी होने पर पति ने उसके मायके में पहुंचकर उस पर अपने मुंह बोले पिता से हलाला करने के लिए दबाव बनाया, विरोध करने पर आरोपी ने पीड़िता के साथ मारपीट की। वहीं अब आरोपी पति और तथाकथित ससुरालिजन उसे जान से मारने की धमकी दे रहे हैं। धमकी के चलते वह घर से निकलते हुए भी डरती है।
बच्ची की परविश को लेकर करनी पड़ रही जद्दोजहद
सिकंदराबाद। फरजाना ने बताया कि वह ज्यादा पढ़ी लिखी नहीं है। पिता बूढ़े हो चुके हैं। उनके कंधों पर अपने परिवार का बोझ है। कमाई का कोई खास जरिया नहीं है। अब उसे अपनी चार साल की बेटी जोया की परवरिश के लिए जद्दोजहद करनी पड़ रही है। गुजारे के लिए वह मायके में रहकर घर पर छोटा मोटा काम करती है। बताया कि इसी साल उसने अपनी बेटी का नर्सरी में दाखिला दिलाया है। उसका सपना बेटी को पढ़ा लिखाकर काबिल बनाने का है, जिससे कि समाज उसकी तरह उसकी बेटी का उत्पीड़न ना कर सके।
कोट..
- मुस्लिम राष्ट्रीय मंच पीड़िता फरजाना के साथ खड़ा है। पीड़िता की हर संभव मदद की जाएगी। बहु विवाह, तीन तलाक, हलाला पर प्रतिबंध लगना चाहिए। - कदीम आलम, प्रांतीय संयोजक, मुस्लिम राष्ट्रीय मंच
- फरजाना की शिकायत पर जांच की जा रही है। जो भी उचित कार्रवाई है, वह की जाएगी। सुरक्षा की मांग पर उन्हें सुरक्षा भी उपलब्ध करा दी जाएगी। - केबी सिंह, एसएसपी
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