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बेखबर सिस्टम, जिंदगियां लील रहे जर्जर तार

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बेखबर सिस्टम, जिंदगियां लील रहे जर्जर तार
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- टूटे तारों की चपेट में आने से एक माह में 12 लोगों की मौत
- विभिन्न इलाकों में हादसों के बाद भी नहीं बदले गए जर्जर तार
- एक माह में विभाग ने मुआवजा के तौर पर दिए 60 लाख रुपये
पुनीत शर्मा
बुलंदशहर। सो रहे सिस्टम की नींद अब भी नहीं खुली है। एक माह में जर्जर विद्युत तारों ने 12 जिंदगियों को लील लिया है। इतना ही नहीं लोगों की जानमाल की हानि के साथ अधिकारियों की लापरवाही से विभाग को भी 60 लाख का चुना लगा है। फिर भी सिस्टम बेफिक्र होकर काम कर रहा है। इन मौतों का जिम्मेदार कौन है? इस सवाल पर अधिकारी मौन साध लेते हैं। मृतक के परिजनों को मुआवजा देकर अधिकारी मामले को रफादफा कर देते हैं।
पावर कॉरपोरेशन में जर्जर तार व खंभों को बदलने के नाम पर जमकर खेल होता है। कई स्थानों पर स्थिति सुधारने के नाम पर लाखों का बजट कागजों में खर्च कर दिया जाता है, जबकि मौके पर स्थिति काफी चिंता जनक रहती है। जिले में जर्जर तारों की स्थिति का आलम यह है कि हर दूसरे दिन जिले में एक व्यक्ति की इसके कारण मौत हो रही है। जबकि अन्य हानि का आंकड़ा इससे भी ऊपर है। विभागीय अफसर जर्जर तारों को सुधारने के बजाए हादसे के बाद पीड़ितों को मुआवजा देकर इतिश्री कर लेते हैं। गत दिनों हुए एक हादसे के बाद डीएम ने एक्सईएन, एसडीओ व जेई के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने के आदेश दिए थे, इसके बाद भी बिजली के तारों की हालत नहीं सुधारी जा रही है। गत एक माह के रिकॉर्ड में पता चलता है कि दस लोगों समेत करीब आधा दर्जन से अधिक पशुओं की मौत हो चुकी है। इसके अलावा किसानों को भी काफी नुकसान हुआ है।
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गत एक माह में हुए हादसे
1. बीबीनगर के गांव में लाइनमैन संविदा कर्मचारी कृष्णपाल सिंह की करंट से मौत
2. नरौरा के राजघाट में करंट से युवक की मौत
3. डिबाई में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता की मौत
4. सिकंदराबाद के भटपुरा निवासी वृद्ध रमचंदा की मौत
5. सिकंदराबाद में पवन पुत्र राजपाल की मौत
6. खानपुर के गांव कांचरोठ में महिला सत्यवती की मौत
7. पहासू के नगला जगत में किसान मोहनलाल की करंट से मौत
8. शिकारपुर में चार मवेशियों की करंट से मौत
9. खानपुर के गांव श्यौरामपुर में करंट से मां-बेटी की मौत
10. नरसेना के सबदलपुर में सब्जी विक्रेता संजीव की मौत
11. दौलतपुर के गांव देवी नगला में किशोरी भारती की मौत
12. गुलावठी में करंट से सेवा निवृत्त जवान की मौत

मुआवजा देकर हो जाती है इतिश्री
करंट से मौत के बाद लोग जब हंगामा करते हैं तो बिजली अफसर मौके पर पहुंचकर परिजनों को मुआवजे देते हैं। मृतकों को 5-5 लाख रुपये का मुआवजा वितरित किया जाता है। एक माह में 12 मौतों पर विभाग ने 60 लाख रुपये बतौर मुआवजा दे दिए। इतनी धनघराशि से जिलेभर के जर्जर तार व खंभों को बदला जा सकता है।

नुकसान दो करोड़ का मरहम 15 लाख का
मई माह में आए भयानक आंधी-तूफान से विभाग की लाइनें व खंभे पूरी तरह से जर्जर हो गए थे। जिसके बाद अफसरों ने टूटे तार व खंभों के रिकॉर्ड के लिए जेई व बिजलीघर प्रभारियों को आदेश दिए थे। अफसरों के आदेश पर जो आंकड़े सामने आए उससे अफसर भी भौचक्के रह गए थे। विभाग के आंकड़ों के अनुसार दो हजार से अधिक खंभे, छह हजार मीटर तार समेत विभाग को दो करोड़ रुपये का नुकसान हुआ था। नुकसान के बाद स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए अफसरों ने टेंडर प्रक्रिया शुरू की थी, लेकिन टेंडर 15 लाख की धनराशि तक ही सीमित रह गए।

करंट की चपेट में आने से युवक की मौत
नरौरा। राजघाट में बृहस्पतिवार को बिजली करंट से एक युवक गंभीर झुलस गया। परिजन उपचार को एनएपीएस चिकित्सालय लेकर पहुंचे, लेकिन चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। राजघाट निवासी राजकुमार गुप्ता 35 वर्ष अपने घर पर था। इसी दौरान बिजली के पंखे में आए करंट की चपेट में आने से राजकुमार गुप्ता की मौत हो गई। प्रभारी निरीक्षक चरन सिंह ने बताया कि ने शव को पोस्टमार्टम को भेजा है।
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कोट-
जर्जर तार व खंभों को बदलने के लिए आवश्यक निर्देश दिए गए हैं। भीड़ भाड़ वाले इलाकों के तारों को पहले बदला जाएगा। आंधी-तूफान में भी विभाग को बड़े पैमाने पर नुकसान हुआ था, जिसको ठीक कराया जा रहा है। - आरपीएस तौमर, चीफ इंजीनियर, पावर कॉरपोरेशन
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