...तो ठेकेदार की जब्त होगी 6.55 लाख की एफडीआर !
- 99 फीसदी कम पर लिया था नगर पालिका में 200 ठेका कर्मचारियों का टेंडर
- टेंडर न लेने की दशा में दूसरी निविदादाता फर्म को दिया जाएगा मौका
अमर उजाला ब्यूरो
बुलंदशहर। नगर पालिका में 99 फीसदी कम दरों पर टेंडर लेने के मामले में ठेकेदार पर भी गाज गिर सकती है। यदि ठेकेदार टेंडर लेता है तो उसे बड़ा नुकसान झेलना पड़ेगा और टेंडर न लेने की दशा में उसकी एफडीआर पालिका द्वारा जब्त कर ली जाएगी। इसके बाद दूसरी निविदादाता फर्म को टेंडर दिया जाएगा।
नगर पालिका में 200 संविदा ठेका कर्मचारियों के लिए टेंडर मांगे गए थे। मंगलवार की देर शाम टेंडर खोले गए। इसमें एक ठेकेदार ने न्यूनतम दस से 99 फीसदी कम पर आवेदन किया। जबकि दूसरे बोलीदाता ने 25 फीसदी कम दर पर कर्मचारी उपलब्ध कराने की बात कही। जैसे ही टेंडर खोले गए 99 फीसदी कम पर कर्मचारी देने के मामले में अफसर भी भौचक्के रह गए। अब ठेकेदार पर दोनों ओर से तलवार लटक गई है। यदि ठेकेदार ठेका लेता है तो उसे नगर पालिका से तो तीन रुपये प्रति कर्मचारी प्रतिदिन मिलेंगे, जबकि कर्मचारियों को तीन सौ रुपये या न्यूनतम मजदूरी 257 रुपये देने होंगे। ऐसी दशा में ठेकेदार को बड़ा नुकसान झेलना पड़ेगा। इसके उलट यदि ठेकेदार टेंडर नहीं लेता है तो पालिका में जमा की गई 6.55 लाख की एफडीआर को अफसर जब्त कर लेंगे। नगर पालिका ईओ एके सिंह ने बताया कि टेंडर देने के लिए पत्र भेजा जाएगा। टेंडर न लेने की दशा में आगे की कार्रवाई की जाएगी।