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अब इंटर पास व कंप्यूटर में दक्ष बनेंगी आंगनबाड़ी!

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अब आठवीं दसवीं पास नहीं बनेंगी आंगनबाड़ी
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- इंटरमीडिएट एवं कंप्यूटर में दक्ष को मिलेगा मौका
- नए प्रस्ताव के मुताबिक अब आबादी के मानक भी होंगे निर्धारित
अमर उजाला ब्यूरो
बुलंदशहर। अब आठवीं दसवीं पास आंगनबाड़ी कार्यकर्ता नहीं बन पाएंगे। विधवा व परित्यक्ता को भी चयन में प्राथमिकता नहीं दी जाएगी। इंटरमीडिएट के साथ कंप्यूटर में दक्ष होना जरूरी होगा। जो इन मानकों को पूरा नहीं करेंगे। उन्हें नौकरी नहीं मिलेगी। अब सिफारिशों का खेल भी नहीं चलेगा।
बता दें कि प्रदेश सरकार सभी योजनाओं की मानीटरिंग व रिपोर्टिंग की व्यवस्था ऑनलाइन कर रही है, लेकिन बाल विकास, पुष्टाहार विभाग का कामकाज अभी भी पुराने ढर्रे पर ही चल रहा है। वजह जमीनी स्तर पर योजनाओं के क्रियान्वयन व रिपोर्टिंग की जिम्मेदारी संभाल रही आंगनबाड़ी कार्यकर्ता तकनीकी रूप से न तो दक्ष हैं न ही योग्यता है। बहुत कम कार्यकर्ता ही ऐसी होंगी, जिनकी योग्यता आठवीं से ऊपर होगी। ऐसे में लोगों तक योजनाओं को पहुंचाने व फीडबैक देने में अड़चने पैदा हो रही हैं। यही नहीं सरकार कई अहम बदलाव व सौगात देने से पहले शिक्षा व तकनीक में पिछड़ रहे कार्यकर्ताओं को कार्यकुशल बनाने का फैसला किया है। इसके तहत नए सिरे से होने वाले चयन के लिए अर्हता इंटर व कंप्यूटर डिप्लोमाधारी को प्राथमिकता देने का आदेश किया गया। केंद्र सरकार की ओर से मांगे सुझाव पर बाल विकास विभाग ने अर्हता व कंप्यूटर ज्ञान का प्रस्ताव चयन के लिए अनिवार्य किया जाना दर्शाया है। साथ ही अब आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के चयन में शिक्षा के मापदंड में बदलाव के साथ ही केंद्र निर्धारण का मानक भी बदलेगा। वर्तमान में 1200 से लेकर 1500 की आबादी पर आंगनाड़ी केंद्र संचालित हो रहा है। नए प्रस्ताव के मुताबिक अब 800 से लेकर 1000 की आबादी का मानक निर्धारित किया गया है। इससे बच्चों को केंद्र आने में आसानी होगी। प्रदेश सरकार ने इसकी तैयारी कर ली है और केंद्र सरकार के आगामी आदेश का इंतजार है।
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आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का नए सिरे से चयन किया जाएगा। इन पदों पर चयन की अर्हता के लिए प्रस्ताव भेजा गया है। नवसृजित पदों पर चयन को पूर्व निर्धारित अर्हता में बदलाव किए जाने का प्रस्ताव केंद्र को भेजा गया है। केंद्र सरकार ने प्रस्ताव को मंजूर कर लिया तो नवसृजित पदों पर चयन की रूपरेखा बदलेगी। ईशा दूहन, मुख्य विकास अधिकारी, बुलंदशहर।
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