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...तो जांच कराने वाले अफसरों की शह पर चल रही थी बिजली चोरी

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...तो जांच कराने वाले अफसरों की शह पर चल रही थी बिजली चोरी
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- जेई संगठन ने चीफ को साक्ष्य देने के लिए लिखा पत्र
- पत्र लिखने के बाद भी चीफ ने जेई संगठन को साक्ष्य देने के लिए नहीं बुलाया
- चीफ द्वारा साक्ष्य के लिए संगठन को न बुलाने पर उठ रहे सवाल
अमर उजाला ब्यूरो
बुलंदशहर। पूर्व जिपं अध्यक्ष के पुत्र के दूध प्लांट में बिजली चोरी के मामले में अब अफसरों पर भी शह देने का आरोप लग रहा है। चार दिन पूर्व जेई संगठन ने चीफ को पत्र लिखकर बिजली चोरी में शामिल अफसरों के खिलाफ कुछ सबूत देने की बात कही, लेकिन अभी तक चीफ साहब ने जेई संगठन से उक्त सबूतों के लिए चर्चा नहीं की है।
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20 जुलाई को जटपुरा स्थित पूर्व जिपं अध्यक्ष के दूध प्लांट मै. राजदीश में बड़े पैमाने पर बिजली चोरी का खुलासा हुआ था। टीम ने जांच पड़ताल के बाद प्लांट संचालक राहुल गिरी व पूर्व जिपं अध्यक्ष पति जगदीश गिरी के खिलाफ 252 केवीए बिजली चोरी व अन्य धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। अब पूरे विभाग में चर्चा है कि अफसरों की शह पर ही बिजली चोरी का धंधा किया जा रहा था। जेई संगठन के क्षेत्रीय अध्यक्ष आरसी द्विवेदी ने चीफ इंजीनियर को पत्र लिखकर बिजली चोरी कराने वाले अफसरों के खिलाफ कुछ सबूत देने का दावा किया। पत्र लिखे चार दिन बीत चुके हैं, लेकिन अभी तक चीफ इंजीनियर ने जेई संगठन से न तो सबूत मांगे हैं और न ही उस पर कोई चर्चा की है। पावर कॉरपोरेशन चीफ इंजीनियर आरपीएस तोमर ने बताया कि मैं अवकाश पर चल रहा था। बिजली चोरी एक गंभीर अपराध है, जिसमें शामिल अफसरों पर भी सख्त कार्रवाई की जाएगी। जेई संगठन से साक्ष्य भी एकत्रित कर लिए जाएंगे।
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