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गर्मी-उमस में पढ़ रहे सवा लाख नौनिहाल

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- जिले के 1400 परिषदीय स्कूलों में बिजली नहीं
- 500 में कनेक्शन नहीं, 900 में बिल भुगतान न होने के कारण काटी गई सप्लाई
अमर उजाला ब्यूरो
बुलंदशहर। परिषदीय स्कूलों में कान्वेंट स्कूलों की तर्ज पर पढ़ाई कराने का दावा कर रहे शासन और प्रशासनिक अधिकारी स्कूलों में बिजली तक मुहैया नहीं करवा पाए हैं। हालत यह है कि जिले के 1400 परिषदीय स्कूलों में करीब सवा लाख बच्चे इस भीषण गर्मी में बिना पंखे के पढ़ाई कर रहे हैं। कुछ स्कूलों में बिजली के कनेक्शन नहीं हैं तो कुछ में बिल भुगतान न होने के कारण कनेक्शन काट दिए गए हैं।
जिले में 2399 परिषदीय स्कूल हैं। इनमें करीब ढाई लाख बच्चे शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। सरकार की ओर से परिषदीय स्कूलों में निजी स्कूलों की तरह सुविधा और माहौल बनाने के लिए पैसा पानी की तरह खर्च किया जा रहा है, लेकिन जिले के स्कूलों की स्थिति पर गौर किया जाए तो सुविधाओं के नाम पर मात्र दिखावा ही रह गया है। सरकारी आदेश के तहत सभी स्कूलों में बिजली कनेक्शन के साथ पंखे आदि की व्यवस्था होनी चाहिए, लेकिन 1400 स्कूलों में बिजली ही नहीं है। ऐसे में बच्चे बिना पंखे बिजली के पढ़ाई करने को मजबूर हैं। हालात यह हैं कि अधिकांश स्कूलों में पिछले काफी समय से बिजली का बिल तक नहीं भरा गया।
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500 से अधिक स्कूलों में नहीं हैं कनेक्शन
जिले के 500 से अधिक स्कूल ऐसे हैं, जिनमें अब तक कनेक्शन नहीं हैं। स्कूलों में लगे पंखे और बल्ब शोपीस बने हुए हैं। कनेक्शन न होने से इन स्कूलों में पढ़ने वाले लगभग 45 हजार बच्चे गर्मी और उमस के बीच शिक्षा ग्रहण करने को मजबूर हैं। कई स्कूल ऐसे भी हैं जहां कमरों में दिन के समय भी अंधेरा रहता है। ऐसे में बच्चों को स्कूलों में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

900 से अधिक स्कूलों का कट चुका है कनेक्शन
जिले में 900 से अधिक स्कूल ऐसे हैं, जहां बिजली का कनेक्शन कट चुका है। यह समस्या पिछले काफी समय से बिजली का बिल नहीं भरने के कारण बनी है और करोड़ों का बिजली बिल बकाया है। वहीं, जिन स्कूलों में बिजली का कनेक्शन हैं तो वहां बिजली सप्लाई नहीं पहुंच रही। अधिकतर स्कूल ऐसे भी हैं, जिनके पंखे और बिजली के उपकरण चोरी हो चुके हैं। पंखे आदि खराब हो चुके हैं और उन पर कोई ध्यान नहीं दे रहा है।

अफसर-बाबुओं को नहीं पता सही स्थिति
हमेशा चर्चा में रहने वाले जिला बेसिक शिक्षा कार्यालय के अफसर और बाबुओं को स्कूलों की सही जानकारी तक नहीं है। संबंधित कर्मचारी को यह तक पता नहीं कि कितने स्कूलों में कनेक्शन हैं और कितने स्कूलों में कनेक्शन कट चुके हैं। कब से बिल नहीं भरा गया और कितना बिल बकाया चल रहा है।
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अफसर बोले, कनेक्शन के लिए जारी हो गए हैं प्रति स्कूल 6955 रुपये
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अंबरीष कुमार का कहना है कि जिन परिषदीय स्कूलों में बिजली कनेक्शन नहीं हैं, उनके लिए 6955 रुपये प्रति स्कूल जारी किए जा चुके हैं। हेडमास्टरों को आदेश दिए गए हैं कि वह जल्द से जल्द बिजली कनेक्शन ले लें। वहीं, दूसरी ओर स्कूलों पर चल रहे बिजली के बकाया करोड़ों रुपये की मांग विभाग और शासन से की गई है। स्कूलों में बिजली की व्यवस्था कर बच्चों को होने वाली परेशानी को जल्द दूर करने का प्रयास किया जाएगा।
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