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फर्जी गन्ना बांड के ‘खेल’ का हुआ खुलासा

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फर्जी गन्ना बांड के ‘खेल’ का खुलासा
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- साबितगढ़ चीनी मिल में गन्ना उपायुक्त ने पकड़े 150 फर्जी गन्ना बांड
- फर्जी गन्ना बांड बनाने वाले अफसर और कर्मचारियों से मांगा जवाब
मनोज चौधरी
बुलंदशहर। जिले में गन्ना बांड के नाम पर फर्जीवाड़ा किया जा रहा है। साबितगढ़ चीनी मिल में गन्ना उपायुक्त ने 150 फर्जी बांड पकड़कर कर मामले का खुलासा किया है। उन्होंने फर्जी बांड बनाने वाले अफसर और कर्मचारियों से जवाब तलब किया है। साथ ही आदेश दिया है कि इन किसानों का गन्ना भुगतान रोककर नोटिस जारी किए जाएं और एसडीएम कोर्ट में मामला दर्ज करवाया जाए।
बृहस्पतिवार को गन्ना उपायुक्त हरपाल सिंह जिले में चल रहे गन्ना रकबे सर्वे का निरीक्षण करने पहुंचे। इस दौरान वह साबितगढ़ चीनी मिल पहुुंचे और वहां पर फर्जी बांड होने की शिकायत मिली। जब उन्होंने मिल में फर्जी बांड की जांच करवाई तो एक के बाद एक 150 फर्जी बांड सामने आने पर सभी हैरान रह गए। गन्ना उपायुक्त ने ऐसे बांड की जांच लगातार करने के साथ विभागीय अफसरों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। साथ ही जिला गन्ना अधिकारी और सहकारी गन्ना समिति के अफसरों को फटकार लगाई और आदेश दिए कि जिले में एक भी ऐसा बांड नहीं होना चाहिए, जो फर्जी हो। बताया गया कि जो बांड पकड़े गए हैं वह विगत वर्ष बनाए गए थे और गन्ना उपायुक्त ने अफसरों को आदेश दिए हैं कि ऐसे किसानों के गन्ने का भुगतान रोक लिया जाए। उन्हें नोटिस जारी किए जाए और एसडीएम कोर्ट में मामला दर्ज करवाया जाए। साथ ही उन्होेंने फर्जी बांड बनाने में शामिल अफसर और कर्मचारियों से जवाब तलब किया है। जांच में सामने आया है कि अधिकतर फर्जी बांड में बैंक खाता नंबर और नाम एक हैं और इनके आधार पर कई-कई फर्जी बांड बनाए गए हैं। यह बांड गन्ना माफिया के भी बताए जा रहे हैं। वहीं, दूसरी ओर एक साथ इतने फर्जी बांड सामने आने पर किसानों में हड़कंप की स्थिति है और अफसर व कर्मचारी अपने बचाव में जुट गए हैं। फर्जी बांड का खुलासा होने पर जिला गन्ना अधिकारी डीके सैनी से संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन उनसे बात नहीं हो सकी। जैसे ही उनसे बात होगी उनका पक्ष हूबहू प्रकाशित किया जाएगा।
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नया नहीं है जिले में फर्जी गन्ना बांड का मामला
फर्जी बांड का मामला नया नहीं है। विगत वर्ष भी करीब 4800 फर्जी बांड का खुलासा हुआ था। यह सब खेल गन्ना विभाग और सहकारी गन्ना समिति की मिलीभगत से चल रहा है। एक बार फिर 150 और फर्जी बांड सामने आने पर अफसरों के दावों की पोल खुलकर सामने आ गई है।
विगत वर्ष तत्कालीन जिला गन्ना अधिकारी एपी सिंह ने जिले में फर्जी बांड की शिकायत मिलने पर जांच करवाई थी। उस समय करीब 4800 फर्जी बांड सामने आए थे और इसमें विभागीय और सहकारी गन्ना समिति के अफसरों की मिलीभगत भी सामने आई थी। इसके साथ ही शासन की ओर से ऐसे बांड बनाने और गन्ना किसानों की परेशानी को दूर करने के लिए कई आदेश जारी किए गए। बावजूद इसके फर्जी बांड संचालित रहे और अफसर और कर्मचारी बेखौफ रहे। लेकिन एक बार फिर फर्जी बांड सामने आने पर उनकी बेचैनी बढ़ गई है और वह अपने बचाव के लिए प्रयास में जुट गए हैं। उधर, गन्ना उपायुक्त हरपाल सिंह के सख्त आदेश को लेकर भी उनको अपनी नौकरी बचाने की भी चिंता सताने लगी है। ज्ञात रहे कि बांड बनाने का काम सहकारी गन्ना समिति का होता है। इसमें जिला गन्ना अधिकारी कार्यालय और चीनी मिल के अफसर और कर्मचारियों की भी मिलीभगत होती है। वह किसानों से अवैध उगाही कर ऐसे बांड बना देते हैं।

कोट
साबितगढ़ मिल में अब तक की जांच में 150 फर्जी बांड का खुलासा हो चुका है। यह बांड विगत वर्ष के हैं और ऐसे किसानों पर कार्रवाई के आदेश जारी कर दिए हैं। विभागीय अफसरों को आवश्यक हिदायत दी गई है और चल रहे सर्वे में शासनादेश का पालन करने के निर्देश दिए हैं। इस बार गन्ना रकबे के सर्वे की जांच कराने के बाद ही बांड बनाने पर अंतिम मुहर लगाई जाएगी। - हरपाल सिंह, गन्ना उपायुक्त, मेरठ
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मिल में फर्जी बांड की जांच जारी है और गन्ना उपायुक्त के आदेश पर एक भी फर्जी बांड नहीं चलने दिया जाए। जो भी फर्जी बांड सामने आ रहे हैं, उनकी जानकारी गन्ना उपायुक्त को दी जा रही है। बांड बनाने का काम सहकारी गन्ना समिति का है और इसमें मिल का कोई लेना-देना नहीं है। - नरेश पाल, जीएम, साबितगढ़ चीनी मिल
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