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ओडीएफ गांव में खुले में शौच जाने पर लगेगा 500 रुपये जुर्माना

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ओडीएफ गांव में खुले में किया शौच तो भरना पड़ेगा 500 रुपये जुर्माना
- ओडीएफ गांव में प्रशासन चस्पा कराएगा चेतावनी भरे पंपलेट
- जुर्माने की राशि को ग्राम पंचायत कर सकेगी विकास कार्यों में खर्च
अमर उजाला ब्यूरो
बुलंदशहर। ओडीएफ हो चुके जिले के गांवों में यदि कोई खुले में शौच करता मिला तो उसे 500 रुपये जुर्माना भरना पड़ सकता है। प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए इन गांवों में चेतावनी भरे पंपलेट चस्पा कराने के आदेश दिए हैं। इसके अलावा खुले में शौच जाने वालों को ग्राम पंचायत भी तलाश करेगी और जुर्माना लगाएगी। जो भी जुर्माना ॅ की राशि को ग्राम पंचायत विकास कार्यों में खर्च कर सकेगी।
बता दें कि जिले में स्वच्छ भारत अभियान ग्रामीण के तहत गांव-दर गांव में शौचालय निर्माण हो रहा है। शौचालय निर्माण के लिए शासन से पात्र को 12 हजार रुपये की राशि प्रदान की जाती है। जिले को दो अक्टूबर तक शौच मुक्त करना है। अब तक गुलावठी, बीबीनगर और स्याना ब्लॉक के साथ करीब 386 ग्राम पंचायत और 480 राजस्व गांव ओडीएफ घोषित हो चुके हैं। जबकि शेष ब्लॉक और गांवों में शौचालय निर्माण का काम जारी है और दो अक्टूबर तक जिले को ओडीएफ करने का लक्ष्य रखा गया है। अफसरों के अनुसार जो गांव अब तक ओडीएफ हो चुके हैं। उन गांवों में अभी भी लोटा परेड की जानकारी मिल रही है। काफी प्रयास के बावजूद भी ग्रामीण सजग नहीं हैं और वह अपने पुराने ढर्रे पर ही चल रहे हैं। ऐसे में अब ग्रामीणों को खुले में शौच से छुटकारा दिलवाने और शौचालय का प्रयोग करने के लिए सभी ग्राम पंचायतों को आदेश दिए गए हैं कि वह खुले में शौच जाने वालों को तलाश करें और उन पर 500 रुपये का जुर्माना भी लगाया जाए। साथ ही यह भी आदेश दिए गए हैं कि यदि कोई ग्राम पंचायत चाहे तो जुर्माने की राशि को कम या ज्यादा कर सकती है। वसूल की जाने वाली राशि को पंचायत विकास कार्यों में खर्च कर सकती है। इसके लिए ग्राम पंचायतों को आवश्यक दिशा-निर्देश भी जारी किए गए हैं। खुले में शौच से मुक्ति दिलाने और जुर्माने की चेतावनी देने के लिए गांवों में पंपलेट भी चस्पा किए जाएंगे। इसकी शुरूआत गुलावठी क्षेत्र के कुछ गांवों से की जा चुकी है। अफसरों का यह भी दावा है कि यदि प्रशासन की ओर से जारी किए गए इन आदेशों का पालन नहीं किया गया तो ग्राम पंचायत के खिलाफ भी कार्रवाई की जा सकती है।
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ओडीएफ घोषित हो चुके गांवों के ग्रामीणों को लोटा परेड से रोकने और शौचालय का प्रयोग करने के लिए जिला प्रशासन ने 500 रुपये जुर्माना वसूलने के आदेश जारी किए गए हैं। इसके अलावा खुले में शौच जाने वालों को ग्राम पंचायत तलाश करेगी और जुर्माना भी वसूलेगी। साथ ही जुर्माने की राशि को गांव के विकास कार्य में खर्च किया जा सकेगा। - अमरजीत सिंह, जिला पंचायत राज अधिकारी।
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