खराब स्वास्थ्य का हवाला देकर बेची जा रही जमीन
- न्यायालय में धारा 98 के तहत बड़ी संख्या में मेडिकल शपथ पत्र हुए खारिज
- डीएम ने एसडीएम खुर्जा को दिए मामले में जांच के आदेश
- तहसील कर्मचारी की मिलीभगत से किया जा रहा है फर्जीवाड़ा
अमर उजाला ब्यूरो
बुलंदशहर। खुर्जा तहसील में फर्जी मेडिकल शपथ पत्रों के आधार पर जमीन की बिक्री का खेल चल रहा है। खराब स्वास्थ्य का हलावा देकर फर्जी मेडिकल शपथ पत्र तैयार किए जाते हैं और उन्हें न्यायालय में पेश कर दिया जाता है। इस तरह के मामलों की भरमार देख न्यायालय ने बड़ी संख्या में शपथ पत्र खारिज कर दिए। वहीं इस मामले में डीएम ने खुर्जा एसडीएम को जांच कर कार्रवाई के आदेश दिए हैं।
खुर्जा तहसील क्षेत्र में बड़े पैमाने पर जमीन की खरीद-बिक्री की जा रही है। न्यायालय द्वारा धारा 98 उ.प्र.रा.सं के अंतर्गत अनुमति हेतू प्राप्त आवेदनों को जांच के लिए तहसील भेजा जाता है। बड़े पैमाने पर जांच रिपोर्ट में भूमि विक्रय का कारण स्वास्थ्य खराब बताया जा रहा है। न्यायालय में आने वाले अधिकतर स्वास्थ्य प्रमाण पत्र एक जैसी बीमारी के ही होते हैं। जबकि प्रमाण पत्रों पर आवेदकों के हस्ताक्षर या अंगूठा का निशान नहीं होता है। जबकि मेडिकल प्रमाण पत्रों के बारे में सीएमओ से जानकारी मांगी गई तो सभी प्रमाण पत्र फर्जी पाए गए। डीएम अनुज कुमार झा ने खुर्जा एसडीएम को आदेश देते हुए तहसील कर्मचारियों की भूमिका की जांच करने और दोषियों पर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। डीएम ने कहा है कि मेडिकल प्रमाण पत्र और तहसील की जांच आख्या के साथ शपथ पत्रों के आवेदन में भी एक जैसी ही लिखावट होने से तहसील कर्मचारियों की मिलीभगत के बिना फर्जीवाड़ा संभव नहीं है। डीएम अनुज कुमार झा ने बताया कि मामले में खुर्जा एसडीएम को जांच के आदेश दिए हैं। जांच के बाद दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।