परमाणु संयंत्र के गेट पर शव रख छह घंटे तक प्रदर्शन
- नरौरा परमाणु संयंत्र में दीवार से गिरकर ठेका श्रमिक की मौत का मामला
- मुआवजे की मांग को लेकर परिजनों ने किया धरना-प्रदर्शन
अमर उजाला ब्यूरो
नरौरा (बुलंदशहर)।
परमाणु संयंत्र में कार्य करने के दौरान ठेका श्रमिक की मौत के मामले में परिजनों ने मआवजे की मांग को लेकर शव संयंत्र के गेट पर शव रखकर छह घंटे तक धरना-प्रदर्शन किया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने संयंत्र के अंदर एक भी वाहन नहीं जाने दिया। बाद में प्रशासनिक अधिकारियों के समक्ष संयंत्र प्रबंधन के अधिकारियों के नकद सहायता सहित सात मांगों को पूरा करने का भरोसा दिए जाने पर प्रदर्शन खत्म हुआ।
परमाणु संयंत्र में बुधवार को एसएमयू सेक्शन में कार्यरत ठेका श्रमिक निबाड़ी बांगर निवासी मंगल सिंह (42) पुत्र हिमंचल सिंह की कार्य करने के दौरान दीवार से गिरकर मौत हो गई थी। पोस्टमार्टम के बाद शव आने के बाद बृहस्पतिवार सुबह ग्रामीणों और परिजनों ने मुआवजे की मांग को लेकर शव को संयंत्र के गेट पर रखकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने संयंत्र में सुबह जाने वाली शिफ्ट व सामान्य ड्यूटी कर्मियों के वाहन अंदर नहीं जाने दिए। प्रदर्शन में संयंत्र में कार्य करने वाले सैकड़ों ठेका श्रमिक भी शामिल रहे। प्रदर्शनकारी मृतक परिवार को आर्थिक सहायता व लिखित आश्वासन की मांग पर अड़े थे। एक बार की वार्ता विफल होने के बाद एसडीएम उमाशंकर, तहसीलदार आरके भास्कर ने नेप्स (नरौरा परमाणु संयंत्र) प्रबंधन के मुख्य अधीक्षक पीजी रायचूर, डीजीएम राजेश्वरी, विधि अधिकारी बीबी उपाध्याय से एसोसिएशन अध्यक्ष ओएस तोमर एवं मृतक की पत्नी रजनी, विस्थापित नेता बहोरीलाल शर्मा व बीबी सिंह आदि की वार्ता कराई। इसके बाद नकद सहायता सहित सात मांगों को लिखित तौर पर पूरा करने का भरोसा दिए जाने पर प्रदर्शन समाप्त हुआ। इस दौरान विस्थापित नेता बहोरीलाल शर्मा, प्रेमशंकर शर्मा, यशपाल सिंह कामरेड, ओमपाल सिंह उर्फ मोनू आदि मौजूद रहे।
चार थानों की पुलिस के अलावा पहुंचा अतिरिक्त पुलिस बल
परमाणु संयंत्र के गेट पर धरना-प्रदर्शन की सूचना मिलते ही पुलिस प्रशासन सतर्क हो गया। नरौरा एसएचओ चरण सिंह ने पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचकर अधिकारियों को जानकारी दी। इसके बाद सीओ विक्रम सिंह, डिबाई एसएचओ परशुराम, रामघाट के आनंद गौतम एवं छतारी पुलिस बल मौके पर पहुंचा। पुलिस लाइन से अतिरिक्त पुलिस बल भी बुलाया गया। इसके अलावा संयंत्र के गेट पर तैनात रहने वाले सीआईएसएफ के अतिरिक्त जवान भी तैनात किए गए।