आरक्षण के लिए विधानसभा स्तर पर होंगे सम्मेलन: मलिक
- जाट आरक्षण, राजनीति में हिंदू-मुस्लिम परिपाटी को तोड़ना और सामाजिक, शैक्षणिक और राजनीति में हिस्सेदारी दिलाना प्रमुख मुद्दे
- अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने की बैठक
अमर उजाला ब्यूरो
बुलंदशहर। अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष यशपाल मलिक ने कहा कि जाट आरक्षण की मांग को लेकर उत्तर प्रदेश में आंदोलन तेज होगा। इसके लिए प्रत्येक जिले की विधानसभा स्तर पर सम्मेलन होंगे। समिति के प्रमुख मुद्दे जाट आरक्षण, राजनीति में हिंदू-मुस्लिम परिपाटी को तोड़ना और समाज को सामाजिक, शैक्षणिक और राजनीति में हिस्सेदारी दिलाना है।
यशपाल मलिक ने मंगलवार को पत्रकारवार्ता में बताया कि केंद्र व प्रदेश की भाजपा सरकार जाट आरक्षण देने में देरी कर रही है। प्रदेश सरकार द्वारा जाट आरक्षण पर इलाहाबाद उच्च न्यायालय में सही जवाब न देकर जाट व अन्य जातियों के आरक्षण की समीक्षा करने के लिए आयोग का गठन किया गया है। जिसका कार्यकाल तीन महीने हैं। हमें सतर्क रहना होगा, जिससे आयोग समय पर रिपोर्ट दे सके। उन्होंने कहा कि रोहतक में बन रहे सर छोटू राम विवि का निर्माण शुरू हो गया है। समिति अगले पांच वर्ष में प्रत्येक जिले में विवि के कोचिंग सेंटर खोलेगी। इससे सभी समाज के छात्र-छात्राओं को लाभ होगा। उन्होंने जाट समाज से आरक्षण के लिए एकजुट होने का आहवान किया और बताया कि जगतवीर सिरोही को समिति ने प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त कर दिया है। उन्होंने यह भी कहा कि किसानों के हित में भी समिति काम करेगी और किसानों की समस्याओं को हल करवाने के लिए आंदोलन भी करना पड़ा तो पीछे नहीं हटेगी। प्रदेश अध्यक्ष जगवीर सिरोही ने कहा कि जाट समाज को अब अपने अधिकारों को लेने के लिए सजग होना होगा। जिला स्तर पर होने वाल सम्मेलन को सफल बनाने की रणनीति बनानी शुरू कर दी है। यदि जाट आरक्षण नहीं मिला तो भाजपा को इसका जवाब 2019 के लोकसभा चुनाव में दिया जाएगा। इस दौरान जिला पंचायत सदस्य सुनील चरौरा, अन्नु चौधरी आदि जाट समाज के लोग मोजूद रहे।