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अस्पताल की नालियों में भरा पानी, पनप रहे मच्छर

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घर-घर लार्वा ढूंढ रहे अफसर, अस्पताल में पनप रहे मच्छर
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- जिला अस्पताल का हाल: अस्पताल में मच्छर पनपने से बढ़ रहा डेंगू फैलने का खतरा
अमर उजाला ब्यूरो
बुलंदशहर। जिले भर में अभियान चलाकर मच्छरों का लार्वा ढूंढने वाले स्वास्थ्य अफसरों की नाक के नीचे ही लार्वा पनप रहा है। जिला अस्पताल की नालियों में जलभराव से आ रही बदबू से मरीज परेशान हैं, लेकिन अफसरों ने समस्या के समाधान के लिए कोई ठोस कार्रवाई नहीं की।
डेंगू पर रोकथाम के लिए शासन के आदेश पर स्वास्थ्य विभाग के अफसरों ने जिलेभर में अभियान चलाकर मच्छरों के लार्वा पनपने की जांच की। जांच के दौरान अफसरों को कहीं पर भी लार्वा दिखाई नहीं दिया, लेकिन अब अफसरों की नाक के नीचे ही लार्वा पनप रहा है। जिला अस्पताल में सीएमएस दफ्तर के ठीक सामने और ब्लड बैंक के पास से गुजर रही नाली में गंदा पानी भरा हुआ है और उसमें लगातार मच्छर पनप रहे हैं। मच्छरों के पनपने के कारण अस्पताल में भर्ती मरीजों को परेशानी हो रही है, लेकिन अफसर हैं कि उन्हें मरीजों की चिंता ही नहीं है। अस्पताल की नाली में पानी भरा होने के चलते उसमें से बदबू उठ रही है। इससे नाली के आसपास खड़ा होना तो दूर निकलना भी दूभर हो रहा है।
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बूंदाबांदी के बाद मरीजों की संख्या में हुआ इजाफा
लगातार कई दिन बूंदाबांदी होने के बाद बीमारी तेजी से फैल रही है। अस्पताल में भी मरीजों की संख्या में 15 फीसदी का इजाफा हुआ है। हाल के दिनों में जिला अस्पताल में प्रतिदिन करीब 2400 मरीज उपचार के लिए आ रहे हैं।

अस्पताल में संसाधनों का अभाव बना परेशानी का सबब
जिला अस्पताल में मरीजों की भारी भीड़ और संसाधनों का अभाव मरीजों के लिए परेशानी का सबब बना हुआ है। अस्पताल में फिजीशियन, सर्जन, कार्डियोलॉजिस्ट समेत कई चिकित्सक और कई आवश्यक दवाओं की कमी से मरीजों को जूझना पड़ रहा है।

कोट-
मामले की जानकारी नहीं है। नाली में भरे पानी को साफ कराया जाएगा। पानी में मच्छर नहीं पनपने दिए जाएंगे। - डॉ. रामबीर सिंह, सीएमएस जिला अस्पताल

सुविधाओं को तरस रहा ककोड़ सरकारी अस्पताल
- सीएचसी परिसर में मुख्य रास्ते पर भरा रहता है पानी
- सफाई कर्मी की नियुक्ति न होने से फै ली है गंदगी
फोटो समाचार
ककोड़। क स्बा स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सुविधाओं के लिए तरस रहा है। जगह-जगह फैली गंदगी व जलभराव अस्पताल की बदतर हालत को बयान कर रहे हैं। ऐसे में रोगी को बेहतर उपचार मिलने की उम्मीद करना निरर्थक है।
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हाईवे से मात्र 200 मीटर की दूरी पर अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र स्थित है। हाईवे से स्वास्थ्य केंद्र को जाने वाले रास्ते पर हर समय जलभराव रहता है। रोगी को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचने से पहले कई बार सोचना पड़ता है। जलभराव के अलावा रास्ता काफी संकरा भी है। साथ ही मात्र दो सौ मीटर के रास्ते में कई मोड़ हैं। इसके चलते अस्पताल तक गाड़ी नहीं पहुंच पाती है। वहीं स्वास्थ्य केंद्र पर केवल एक ही चिकित्सक नियुक्त है। जबकि कस्बा समेत आसपास के क्षेत्र की आबादी पचास हजार से अधिक है। चिकित्सक के अलावा अस्पताल में एक फार्मासिस्ट, वार्ड ब्वाय, एक अटेंडेंट है। स्वास्थ्य केंद्र के सफाई कर्मचारी की मृत्यु के बाद से किसी अन्य सफाई कर्मचारी की भी नियुक्ति नहीं की गई है। इसके चलते यहां गंदगी का अंबार लगा हुआ है। केंद्र प्रभारी डॉ. पवन सैनी ने बताया कि स्वास्थ्य केंद्र की अव्यवस्थाओं के बारे में आलाधिकारियों को अवगत करवा दिया गया है। जल्द ही व्यवस्था में सुधार हो जाएगा।
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