शौचालय निर्माण में धांधली की होगी जांच
बुलंदशहर। शौचालय निर्माण में हेराफेरी की शिकायतों की अब जांच होगी। जिले से प्राप्त हुई ऐसी शिकायतों की जांच के लिए डीएम आदेश करेंगे। जिला पंचायत राज अधिकारी ने एक प्रधान के खिलाफ जांच को डीएम से अनुमति के लिए पत्र लिखा है।
जिले में जब से शौचालय निर्माण शुरू हुआ है तब से लेकर अब तक शिकायतों का दौर जारी है। इन शिकायतों में अधिकतर आरोप ग्राम प्रधान के ही आते रहे हैं। ऐसी शिकायतों पर कई बार कार्रवाई भी हो चुकी है। बावजूद इसके प्रधानों पर शौचालय निर्माण में हेराफेरी आदि के आरोप से संबंधित शिकायतों पर विराम नहीं लग रहा है। जिला पंचायत राज विभाग ने ऐसी शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए उनकी जांच करवाने का निर्णय लिया है। ऐसी ही एक शिकायत अरनिया क्षेत्र के गांव के प्रधान की मिली है। प्रधान पर आरोप है कि गांव में 200 शौचालयों का निर्माण हुआ है। इसमें 15 ग्रामीणों के नाम से दो-दो शौचालय बनवाए गए हैं। शिकायत मिलते ही विभागीय अफसर हरकत में आए और डीपीआरओ ने शिकायत की जांच के आदेश करवाने के लिए डीएम को पत्र लिख दिया है। जिला पंचायत राज अधिकारी अमरजीत सिंह ने बताया कि इस तरह की और भी शिकायतें मिली हैं। उनकी जांच की जा रही है। जांच के लिए डीएम अनुज कुमार झा को पत्र लिखकर अनुमति मांगी जाएगी। शिकायत सही पाए जाने पर प्रधान के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
शौचालय निर्माण के लिए मिले 7.60 करोड़
बुलंदशहर। जिले को खुले में शौच मुक्त करने के लिए गांवों में शौचालय निर्माण जारी है। शासन से शौचालय निर्माण के लिए 7.60 करोड़ की राशि और मिल गई है। धनराशि मिलने के बाद अफसरों ने जिले को समय पर ओडीएफ करने की उम्मीद जताई है।
केंद्र सरकार की स्वच्छ भारत अभियान ग्रामीण के तहत जिले के गांवों में शौचालय बनाकर खुले में शौच से मुक्त करने का काम जारी है। इसके लिए जिले में 2.05 लाख शौचालय बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया था। इसमें से अब तक करीब 1.35 लाख शौचालयों का निर्माण हो चुका है। जिले को दो अक्तूबर तक ओडीएफ करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। अब तक ब्लॉक गुलावठी, स्याना और बीबीनगर ओडीएफ घोषित हो गए हैं। अगौता ब्लॉक में जोरशोर से काम चल रहा है। इस कार्य को जिला पंचायत राज विभाग करवा रहा है। विभाग को पिछले दिनों 22 करोड़ की राशि प्राप्त हुई थी। जबकि एक बार अब फिर 7.60 करोड़ की राशि और प्राप्त हो गई है। जिला पंचायत राज अधिकारी अमरजीत सिंह ने बताया कि इस समय शौचालय निर्माण के लिए राशि की कमी नहीं है। यदि शासन से इसी तरह राशि प्राप्त होती रही तो जिला निर्धारित समय पर ओडीएफ हो जाएगा।