अब रोटा की पांच बूंद पीकर डायरिया से महफूज रहेंगे नवजात
- डायरिया से होने वाली मौत में आएगी कमी, एक से दो वर्ष तक के बच्चों को लगेंगे टीके
- दस्त से बचाव को पिलाई जाएगी नवजातों को ड्राप की पांच बूंद
चेतन शर्मा
बुलंदशहर। डायरिया (दस्त) से हर साल होने वाली मृत्यु दर को कम करने के लिए पहली बार प्रदेश सरकार ने ठोस पहल की है। जिसमें डायरिया फैलाने वाले वायरस ‘रोटा’ पर नियंत्रण के लिए विशेष ड्राप को टीकाकरण किट में शामिल किया गया है। जल्द ही नौनिहालों को डायरिया से सुरक्षित करने के लिए सरकारी अस्पतालों में रोटा वैक्सीन टीकाकरण शुरू होने जा रहा है। यह टीके एक वर्ष से दो वर्ष तक के बच्चों को लगाए जाएंगे। स्वास्थ्य कर्मी छह, दस व 14 हफ्ते पर बच्चों को रोटा वायरस ड्राप की पांच-पांच बूंद पिलाएंगे, जिससे उन्हें दस्त जैसी जानलेवा बीमारी से बचाने के साथ शिशु मृत्युदर को नियंत्रित किया जा सके।
डायरिया (दस्त) जैसी घातक बीमारी से बचाने को हुई पहल से नई उम्मीद जाग उठी है। यह बीमारी नवजात से लेकर दो साल तक के बच्चों में सबसे अधिक फैलती है। बच्चे अक्सर संक्रमित खाद्य पदार्थ, दूषित पानी व गंदे हाथों के चलते डायरिया की चपेट में आ जाते हैं। समय पर इलाज न मिलने से उनकी मौत हो जाती है। इसको नियंत्रित करने के लिए प्रदेश सरकार ने प्रत्येक बुधवार व शनिवार को ग्राम स्वास्थ्य एवं पोषण दिवस (बीएचएनडी) पर लगने वाले टीकाकरण की किट में रोटा वायरस ड्राप भी शमिल कर दिया है। जिससे बच्चों को तीन चरण में पांच-पांच बूंद दवा पिलाकर उन्हें मौत की चपेट में आने से बचाया जा सके। इसकी तैयारी राज्य स्तर से शुरू हो गई है।
पहले चरण में ब्लॉक प्रभारी को दिया जाएगा प्रशिक्षण
- ईद के बाद जिला मुख्यालय पर जनपद स्तरीय प्रशिक्षण शिविर का आयोजन होगा। पहले चरण में जिले के सभी ब्लॉक प्रभारियों को टीकाकरण के लिए प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके बाद ब्लॉक स्तरीय कर्मचारियों जिसमें एएनएम, आशा, आंगनबाड़ी कर्मियों को ट्रेनिंग भी दी जाएगी।
एक से दो वर्ष तक के बच्चों का होगा टीकाकरण
- रोटा वायरस ड्राप एक से दो वर्ष तक के बच्चों को पिलाई जाएगी। यह वैक्सीन पोलियो रोधक ड्राप के साथ पिलाई जाएगी। पहला टीका डेढ़ माह, दूसरा टीका ढाई माह, तीसरा टीका साढ़े तीन माह पर पांच-पांच बूंद की ड्राप पिलाई जाएगी। इस टीके से आच्छादित बच्चा डायरिया से सुरक्षित रहेगा। प्रदेश में पहली बार रोटा वैक्सीन का टीकाकरण किया जाएगा। इस ड्राप के आने से दस्त की चपेट में आने वाले बच्चों की मौत में कमी आएगी।
कोट
बच्चों को दस्त (डॉयरिया) से बचाने के लिए रोटा वायरस ड्राप को टीकाकरण किट में शामिल करने की योजना शासन ने की है। प्रदेश में पहली बार यह टीके बच्चों के लगाए जाएंगे, इससे पहले कर्मियों को प्रशिक्षित किया जाएगा। प्रशिक्षण के बाद योजना शुरू कर दी जाएगी। - डॉ. केएन तिवारी, सीएमओ बुलंदशहर