अपंजीकृत चिकित्सकों के परामर्श पर नहीं होगा अल्ट्रासाउंड
- अल्ट्रासाउंड सेंटरों को एक्सल सीट पर मरीजों और परामर्शदाता का विवरण भरने के आदेश - सेंटरों को प्र्रतिमाह सीएमओ व एसडीएम के पास भेजना होगा ब्योरा
पुनीत शर्मा
बुलंदशहर।
अपंजीकृत चिकित्सकों के परामर्श पर अब अल्ट्रासाउंड नहीं किए जा सकेंगे। इसके लिए एसडीएम सदर ने अल्ट्रासाउंड सेंटर संचालकों को आवश्यक प्रारूप भरकर प्रतिमाह सीएमओ व एसडीएम को भेजने के आदेश दिए हैं।
एसडीएम सदर ने अल्ट्रासाउंड सेंटरों के खिलाफ अभियान चलाया था, जिसमें कई सेंटरों पर अपंजीकृत चिकित्सकों के परामर्श पर अल्ट्रासाउंड किए जाने का खुलासा किया था। इनमें अधिकतर अपंजीकृत चिकित्सक केवल कमीशनखोरी के लिए मरीजों का अल्ट्रासाउंड कराते हैं। इसके अलावा एसडीएम ने सरकारी अस्पतालों के वार्ड ब्वाय द्वारा भी अल्ट्रासाउंड के लिए परामर्श देने का खुलासा किया था। अब एसडीएम ने अपंजीकृत चिकित्सकों के परामर्श पर अल्ट्रासाउंड पर रोक लगाने के लिए योजना तैयार की है। एसडीएम ने अब सभी अल्ट्रासाउंड सेंटर संचालकों के लिए एक्सल सीट तैयार करने के आदेश दिए हैं। एक्सल सीट में मरीज का नाम, परामर्शदाता चिकित्सक का ब्योरा सहित अन्य जानकारियां दर्ज करनी होंगी। इसके बाद प्रतिमाह एक्सल सीट को सीएमओ व एसडीएम दफ्तर मेल किया जाएगा। जिस भी अल्ट्रासाउंड सेंटर पर अपंजीकृत चिकित्सक का ब्योरा दिखेगा, उस सेंटर के संचालक पर कार्रवाई की जाएगी।
बिना वजह गर्भवती महिलाओं का कराते हैं अल्ट्रासाउंड
कार्रवाई के दौरान खुलासा हुआ कि अपंजीकृत चिकित्सक बिना किसी ठोस वजह के ही सिर्फ कमीशनखोरी के लिए गर्भवती महिलाओं का अल्ट्रासाउंड कराते हैं। इसके चलते न केवल महिला बल्कि उसके गर्भ में पल रहे बच्चे को भी काफी नुकसान होता है।
कोट-
सभी अल्ट्रासाउंड सेंटर संचालकों को एक्सल सीट तैयार करने के आदेश दिए हैं। प्रतिमाह रिपोर्ट एसडीएम दफ्तर भेजनी होगी। अपंजीकृत चिकित्सकों के परामर्श पर अल्ट्रासाउंड करने पर कार्रवाई की जाएगी।
- अरविंद सिंह, (आईएएस) एसडीएम सदर