फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

नहीं दी टीबी मरीज की सूचना तो जाना होगा जेल

विज्ञापन
विज्ञापन
टीबी मरीजों की सूचना न देने पर जाना होगा जेल
विज्ञापन

- निजी चिकित्सक व के मिस्ट को रखना होगा मरीजों का आंकड़ा
- भारत को टीबी मुक्त बनाने के लिए सरकार द्वारा उठाए जा रहे कदम
अमर उजाला ब्यूरो
बुलंदशहर। टीबी मरीजों का उपचार या दवाईयां देने वाले चिकित्सक व केमिस्ट को अब इसका रिकार्ड रखना होगा तथा इसकी सूचना क्षय रोग विभाग को देनी होगी। अगर वह ऐसा नहीं करते हैं तो उन्हें जेल भी जाना पड़ सकता है। टीबी जैसी बीमारी को जड़ से समाप्त करने के लिए सरकार द्वारा यह ठोस कदम उठाया गया है।
विज्ञापन

शासन ने एक लाख की जनसंख्या पर प्रतिवर्ष 237 टीबी रोगी तलाशने का लक्ष्य निर्धारित किया हुआ है। लेकिन सभी मरीज दवा के लिए सरकारी अस्पताल तक नहीं पहुंच पाते। कई मरीज निजी चिकित्सकों या फिर सीधे मेडिकल स्टोर से दवा ले रहे हैं। इस कारण मरीजों का रिकार्ड क्षय रोग तक नहीं पहुंच पा रहा है। शासन ने टीबी की दवा मरीजों को बेचने वाले मेडिकल स्टोर संचालकों को इसका आंकड़ा रखने एवं मरीज को दी जाने वाली दवा रजिस्टर में चढ़ाकर इसकी सूचना क्षय रोग विभाग को देने के आदेश भी जारी किए थे। लेकिन कई बार नोटिस भेजने के बाद भी दवा विक्रेता टीबी रोगियों की सूचना देने के प्रति गंभीर नहीं है। वहीं निजी चिकित्सक भी मरीजों की जानकारी विभाग को उपलब्ध नहीं करा रहे हैं। अब शासन ने टीबी रोगियों की सूचना न देने वाले चिकित्सकों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने के आदेश जारी किए हैं। इससे सूचना न देने वाले चिकित्सक को दो साल तक की सजा हो सकती है। जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. एमके गुप्ता ने बताया कि निजी चिकित्सक अगर पंजीकरण नहीं कराते तो सीएमओ कार्यालय में होने वाला उनका नवीनीकरण रोक दिया जाएगा। साथ ही निजी अस्पताल, फार्मेसी, मेडिकल स्टोर स्वामी के खिलाफ आइसीपी की धारा 269 एवं 270 के तहत रिपोर्ट दर्ज की जा सकती है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें