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डाक सेवकों को मिला आश्वासन, धरना समाप्त

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आश्वासन पर माने डाक सेवक, धरना समाप्त
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- दिल्ली में प्रधानमंत्री और पोस्टल सचिव के साथ वार्ता के बाद लिया निर्णय
अमर उजाला ब्यूरो
बुलंदशहर।
सातवें वेतनमान को लागू करने की मांग को लेकर प्रधान डाकघर पर चल रहा डाक सेवकों का धरना बुधवार को समाप्त हो गया। संघ के उच्चाधिकारियों से आश्वासन पर डाक सेवकों ने 16वें दिन धरना समाप्त कर दिया। सातवें वेतनमान समेत 30 मांगों को लेकर बुधवार को दिल्ली में प्रधानमंत्री और पोस्टल सचिव ने वार्ता के दौरान संगठनों के जनरल सेक्रेटरी को आश्वासन दिया है।
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अखिल भारतीय ग्रामीण डाक सेवा संघ के आह्वान पर 22 मई से ग्रामीण डाक सेवक अपनी मांगों को लेकर प्रधान डाकघर पर धरना दे रहे थे। डाक सेवकों ने दिल्ली जाकर भी धरना प्रदर्शन किया, लेकिन केंद्र सरकार ने संज्ञान नहीं लिया। इस दौरान भाजपा, कांग्रेस एवं बसपा के पदाधिकारियों और पूर्व विधायकों ने भी डाक सेवकों को समर्थन दिया। हड़ताल के चलते डाक वितरण का काम ठप रहने से लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। करीब 15 दिन धरना देने के बाद 16वें दिन डाक सेवकों की मांगों पर केंद्र सरकार ने विचार किया। मंडलीय सचिव मधुसूदन मिस्त्री ने बताया कि बुधवार को दिल्ली में प्रधानमंत्री और पोस्टल सचिव के साथ वार्ता की गई। इसमें कमलेश चंद्रा कमेटी की सभी मांगों को लेकर वार्ता की गई, जिसमें प्रमुख मांग सातवें वेतनमान और नियमित कर्मचारी का दर्जा देने की रही। प्रधानमंत्री ने मांग को पूरा करने का आश्वासन दे दिया है। संगठन के पदाधिकारियों ने धरना समाप्त करने का निर्णय लिया है। इस दौरान अध्यक्ष सुरेंद्र सिंह, कोषाध्यक्ष गुलवीर सिंह, सहायक सचिव सुहैल अकिल, श्रीपाल सिंह, महेश कुमार, पवन शर्मा और दुष्यंत कुमारी समेत अन्य डाक सेवक शामिल रहे।
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