सेल्फी बंद, अब एसएमएस से लगेगी शिक्षकों की हाजिरी
- डीएम ने दिए निर्देश, जुलाई से लागू होगी व्यवस्था
अमर उजाला ब्यूरो
बुलंदशहर।
अब परिषदीय स्कूलों के शिक्षकों की सेल्फी की जगह एसएमएस से हाजिरी लगेगी। एसएमएस से हाजिरी मिलने पर सॉफ्टवेयर कुल शिक्षकों की उपस्थिति बता देगा। डीएम के निर्देश पर जुलाई से नई व्यवस्था लागू हो जाएगी।
परिषदीय विद्यालयों से बंक मारने वाले शिक्षकों पर शिकंजा कसने और शिक्षण कार्य को बेहतर बनाने के लिए विगत वर्ष तत्कालीन डीएम के आदेश पर स्कूलों से सेल्फी की शुरूआत की गई थी। इसके लिए सेल्फी सेल भी खोली गई थी, लेकिन शिक्षकों की कार्यशैली में सुधार नहीं हुआ। करीब 30 फीसदी स्कूलों से लगातार सेल्फी नहीं मिल रही थी। नेटवर्क न होने का बहाना बनाकर शिक्षक अफसरों को टरकाते रहे। कई बार से सेल्फी सेल में खुलासा हुआ कि एक ही सेल्फी को कई बार भेजा गया। वहीं सेल्फी सेल में कार्यरत कुछ कर्मचारियों की स्कूल से बंक मारने वाले शिक्षकों के साथ मिलीभगत भी सामने आई। इस आधार पर डीएम अनुज कुमार झा ने सेल्फी को बंद कराकर एसएमएस के जरिए शिक्षकों की हाजिरी लगाने का निर्णय लिया है। अफसरों ने बताया कि एक ऐसा साफ्टवेयर बनाया जा रहा है, जिस पर एसएमएस मिलते ही पता चल जाएगा कि स्कूल में कितने शिक्षक उपस्थित हैं। इसकी शुरूआत जुलाई से होगी।
क्रॉस चेक करेंगे अफसर
नई व्यवस्था में क्षेत्र के एबीएसए और एनपीआरसी साफ्टवेयर से मिलने वाली शिक्षकों की संख्या का मौके पर जाकर सत्यापन भी करेंगे। यदि एसएमएस में भेजी गई शिक्षकों की संख्या से स्कूल में शिक्षक कम पाए गए तो इसकी रिपोर्ट तुरंत जिला मुख्यालय को दी जाएगी और गलत सूचना देने पर स्कूल के प्रधानाध्यापक पर कार्रवाई भी की जाएगी। एबीएसए और एनपीआरसी को जांच के लिए किस स्कूल में भेजा जाएगा, इसकी जानकारी पहले नहीं दी जाएगी।
छात्रों की संख्या भी एसएमएस से लेने की तैयारी
अफसरों के अनुसार एसएमएस से ही स्कूल आने वाले छात्रों की संख्या भी लेने पर विचार किया जा रहा है। यदि शिक्षकों की उपस्थिति के लिए एसएमएस के माध्यम से शुरू की जाने वाली योजना सफल रही तो उसके बाद छात्रों की संख्या भी एसएमएस से लेने की शुरूआत की जाएगी।
कोट
सेल्फी से ली जाने वाली हाजिरी की व्यवस्था बंद कर दी गई है। डीएम के आदेश पर अब शिक्षकों की हाजिरी एसएमएस से ली जाएगी। इसकी शुरूआत जुलाई माह से होगी। - अंबरीष कुमार सिंह यादव, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी।