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जिले के सभी गांवों से एक-एक तालाब का होगा जीर्णोद्धार

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1176 तालाबों को मिलेगा ‘नया जीवन’
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- भूजल स्तर सुधारने के लिए जिला प्रशासन कराएगा जीर्णोद्धार
- 14वें वित्त आयोग की राशि होगी खर्च, तालाब चिह्नित करने का काम शुरू
अमर उजाला ब्यूरो
बुलंदशहर।
जिले के 1176 गांवों में स्थित तालाबों को जल्द ही नया जीवन मिलेगा। भूजल स्तर सुधारने के लिए जिला प्रशासन ने इन तालाबों का जीर्णोद्धार कराने का निर्णय लिया है। डीएम ने जिला पंचायती राज अधिकारी से तालाबों की सूची मांगी है।
जिले में 951 ग्राम पंचायत और 1176 राजस्व गांव हैं। डीएम ने लगातार गिर रहे भूजल स्तर को सुधारने के लिए जिले के प्रत्येक गांव के एक-एक तालाब के जीर्णोद्धार का निर्णय लिया है। इन तालाबों में बारिश का पानी एकत्रित किया जाएगा। तालाबों का जीर्णोद्धार 14वें वित्त आयोग से गांव के विकास के लिए मिलने वाली राशि से किया जाएगा। इस कार्य में ग्राम प्रधान और सचिव की महत्वपूर्ण भागीदारी होगी। जिला पंचायती राज विभाग द्वारा तालाबों का जीर्णोद्धार करवाया जाएगा। जीर्णोद्धार का काम मनरेगा के श्रमिक करेंगे।
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ऐसे तालाब होंगे चिन्हित
प्रत्येक गांव में जिस तालाब का जीर्णोद्धार करवाया जाएगा, वह सबसे बड़ा होगा, ताकि उसमें अधिक से अधिक पानी एकत्रित किया जा सके। इसके साथ ही उन तालाबों को भी प्राथमिकता दी जाएगी, जिन पर अवैध कब्जा हो या जो कचरा आदि से अट चुके हैं। जिला प्रशासन की इस पहल से तालाब कब्जा मुक्त भी हो जाएंगे।

जलभराव की समस्या से मिलेगी निजात
गांवों में तालाबों का जीर्णोद्धार होने से जल भराव की समस्या से निजात मिलेगी। तालाबों के जीर्णोद्धार के साथ उसमें गांव से आने वाली नाली या नाले की भी सफाई और मरम्मत करवाई जाएगी, ताकि पानी सीधा तालाब में जा सके। इससे ग्रामीणों को काफी राहत मिलेगी।

कोट
डीएम के आदेश पर तालाबों की सूची मांगी गई है। डीपीआरओ से रिपोर्ट मिलने के बाद तालाबों के जीर्णोद्घार का कार्य शुरू करवा दिया जाएगा। - आशुतोष दुबे, जिला विकास अधिकारी, बुलंदशहर।
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जर्जर हो चुके परिषदीय स्कूलों का होगा कायाकल्प
बुलंदशहर। जिले में जर्जर हो चुके परिषदीय स्कूलों का जल्द ही कायाकल्प होगा। शासन के निर्देश पर बीएसए ने सभी एबीएसए से जर्जर स्कूलों की सूची मांगी है। जिले में 2300 परिषदीय स्कूल हैं। इनमें 2.50 लाख से अधिक बच्चे शिक्षा ग्रहण करते हैं। जनपद में अधिकतर स्कूल ऐसे हैं, जो पिछले पांच साल के अंतराल में बने और उनकी दीवार और छत में दरार आ गई हैं। वहीं 250 से अधिक स्कूल ऐसे हैं जो जर्जर हो चुके हैं। हाल ही में जिला नोडल अधिकारी कुमार कमलेश ने जिले के परिषदीय स्कूलों का निरीक्षण किया था। उन्होंने जिला प्रशासन को जर्जर हो चुके स्कूलों की लिस्ट उपलब्ध कराते हुए उनकी मरम्मत करवाने के निर्देश दिए थे। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अंबरीष कुमार सिंह यादव ने बताया कि जिले के जर्जर स्कूलों की सभी एबीएसए से सूची मांगी गई है। सूची मिलते ही शासन को भेज दी जाएगी।
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