हल्की आंधी और बूंदाबांदी के साथ उड़ी धूल ने किया बेहाल
बुलंदशहर। शनिवार को पूरा दिन चिलचिलाती गर्मी और गर्म हवाओं ने लोगों को घरों में कैद कर दिया। जबकि दोपहर बाद हल्की आंधी के साथ उड़ी धूल ने और ज्यादा परेशानी बढ़ा दी। इस दौरान बूंदाबांदी भी हुई लेकिन इसके बावजूद भी तपिश कम नहीं हो पाई। मौसम वैज्ञानिक अभी भी आंधी और बारिश के आसार के अलावा उमस बरकरार रहने की संभावना जता रहे हैं।
मौसम विभाग की ओर से आंधी और बारिश का पहले ही अलर्ट जारी किया जा चुका था। शनिवार सुबह से ही सूर्य ने आग उगलना शुरू कर दिया और चिलचिलाती गर्मी के कारण लोगों को घरों में कैद करने का काम किया। दोपहर होते ही बाजारों में रौनक कम हो गई और सडक़ों पर वाहनों की संख्या कम हो गई। जरूरी काम से ही लोग बाहर निकले। लेकिन दोपहर बाद मौसम बदला और पश्चिम की ओर से आंधी जैसा माहौल बना। इसे देख सभी की सांसें रुक गई और लोगों ने अपना सामान समेटना शुरू कर दिया। मगर, हल्की आंधी के साथ धूल उड़ी इससे सभी बेहाल हो गए। इस दौरान हल्की बूंदाबांदी भी हुई। लेकिन इसके बावजूद भी तपिश से राहत नहीं मिली। शनिवार को अधिकतम तापमान 41 और न्यूनतम 28 डिग्री दर्ज किया गया। जबकि रविवार को अधिकतम तापमान बढ़कर 43 और न्यूनतम 27 डिग्री रहने की संभावना है। उधर, कृषि विज्ञान केंद्र के मौसम वैज्ञानिक डॉ. विवेकराज का कहना है कि मौसम के आंकड़े बार-बार रंगत बदलने के साथ गणित बिगाड़ रहे हैं। अभी भी आंधी और बारिश के आसार बने हुए है। उमस और तपिश से जल्द राहत नहीं मिलने वाली और जल्द ही अब लू का भी सामना करना पड़ेगा। यदि आंधी आती तो नुकसान लेकर आएगी और बारिश फायदेमंद साबित होगी।
मौसम के बदले रंग को देख बागान किसानों की बढ़ी चिंता
मौसम के बदले रंग को देखकर बागान किसानों की चिंता बढ़ने लगी है। किसान जगनेश और राजेंद्र का कहना है कि पहले आई आंधी ने आम की फसल को 50 फीसदी नुकसान पहुंचाया है। यदि अब और आंधी आती है तो आम की फसल को बड़ा नुकसान होगा और इस नुकसान को किसान झेल नहीं पाएंगे। गनीमत यह रही कि शनिवार को हल्की आंधी के साथ ही धूल उड़ी। इससे किसानों ने राहत की सांस ली है।