बिना अनुबंध व पंजीकरण की गाड़ी में घूम रहे पावर कॉरपोरेशन के चीफ
- टेंडर लेने की चाहत में ठेकेदार ने अफसरों के लिए खरीदी थी गाड़ी
अमर उजाला ब्यूरो
बुलंदशहर।
पावर कॉरपोरेशन में अफसरों के लिए नियम कोई मायने नहीं रखते हैं। टेंडर लेने की चाहत में एक ठेकेदार ने नई गाड़ी खरीदकर बिना किसी अनुबंध और पंजीकरण के चीफ इंजीनियर के लिए लगा दी। अभी तक गाड़ी संबंधी अनुबंध प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी है। वहीं मामले में चीफ साहब इससे अनजान बने हुए हैं।
शुक्रवार को विभाग के बाबुओं से गाड़ी के अनुबंध संबंधी दस्तावेज दिखाने के लिए कहा गया तो वह बात को टालमटोल कर गए। सूत्रों ने दावा किया है कि आज तक भी गाड़ी का अनुबंध नहीं किया जा सका है। तत्कालीन चीफ इंजीनियर का तबादला होने के बाद नए चीफ आए तो उन्होंने भी ठेकेदार की गाड़ी का प्रयोग शुरू कर दिया। जबकि गाड़ी के अनुबंध की प्रक्रिया अभी भी अधर में लटकी हुई है। प्रकरण में विभाग के अफसर व कर्मचारियों ने चीफ इंजीनियर को बता दिया कि गाड़ी का अनुबंध किया जा चुका है। वहीं, बिना किसी अनुबंध के 10 लाख से अधिक कीमत की गाड़ी लगाया जाना विभाग में चर्चा का विषय बना हुआ है। चीफ इंजीनियर आरपीएस तोमर ने बताया कि पूछताछ में कर्मचारियों ने अनुबंध होना बताया है, यदि गाड़ी का अनुबंध नहीं किया गया तो इस संबंध में जानकारी कर कार्रवाई की जाएगी। वहीं एआरटीओ प्रशासन मुहम्मद कय्यूम ने बताया कि बिना पंजीकरण किसी भी हाल में गाड़ी नहीं चलाई जा सकती है। प्रमुख सचिव द्वारा ऐसे वाहनों पर सख्त कार्रवाई के आदेश दिए हैं।