शिक्षकों पर कसेगा शिकंजा, बच्चों की होगी निगरानी
- डीएम ने शिक्षा का स्तर सुधारने के लिए तैयार की योजना
अमर उजाला ब्यूरो
बुलंदशहर।
शिक्षा के स्तर को सुधारने के लिए डीएम ने तैयारी शुरू कर दी है। योजना के तहत स्कूलों में शिक्षकों के न पहुंचने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही स्कूलों में बच्चों की उपस्थिति की भी नियमित जांच होगी। इसके लिए डीएम के आदेश पर शिक्षा विभाग के अफसर तैयारी में जुट गए हुए हैं।
जिले में शिक्षा विभाग की दयनीय हालत किसी से छिपी नहीं है। डीएम अनुज कुमार झा ने शिक्षा विभाग की हालत को सुधारने के लिए योजना तैयार की है। इसके पहले चरण में डीएम ने स्कूलों में न पहुंचने वाले शिक्षकों पर कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी है। इसके तहत डीएम ने शिक्षा विभाग के अफसरों को एक एक्सल शीट बनाने के आदेश दिए हैं, जिसमें प्रतिदिन शिक्षकों की उपस्थिति और क्रॉस चेकिंग की योजना है। दूसरे चरण में स्कूलों में बच्चों की उपस्थिति की जांच की जाएगी। जबकि तीसरे चरण में डीएम खुद स्कूलों में पहुंचकर बच्चों के ज्ञान के स्तर की जांच करेंगे। फिलहाल पहले चरण के तहत ऐसे स्कूलों पर डीएम की नजर है, जहां पर तैनात शिक्षक अन्य जनपदों से ड्यूटी करने आते हैं। डीएम का मानना है कि अक्सर ऐसे ही शिक्षक समय से स्कूल नहीं पहुंचते हैं और शिक्षा की गुणवत्ता पर इसका विपरीत प्रभाव पड़ता है।
डीएम शासन द्वारा चलाए जा रहे स्कूल चलो अभियान पर भी नजर बनाए हुए हैं। अभियान के नाम पर जिन स्कूलों में खानापूरी की जा रही है, वहां के प्रधानाध्यापक समेत अन्य शिक्षकों पर कार्रवाई की जाएगी। डीएम द्वारा शिक्षकों के गांव में घूमने का भी सत्यापन करवाया जाएगा। डीएम ने कहा कि शिक्षा के स्तर को सुधारना अति आवश्यक है। इसके लिए योजना तैयार की जा रही है। बच्चों को शिक्षित करने में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।