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20 हजार किसानों को समय पर नहीं मिल रहा भुगतान

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20 हजार किसानों को
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समय से भुगतान नहीं
- तीन गेहूं खरीद एजेंसियों पर किसानों का सर्वाधिक बकाया
- शासन के आदेश के बावजूद भी 72 घंटे में नहीं हो रहा भुगतान
- भुगतान राशि के लिए बैंक और अफसरों के चक्कर काट रहे किसान
अमर उजाला ब्यूरो
बुलंदशहर। लो जी! गन्ना भुगतान की तरह अब जिले के करीब 20 हजार किसान हफ्ते भर से गेहूं के भुगतान के लिए बैंक और अफसरों के चक्कर लगाने को मजबूर हैं। यह हाल तब है जब शासन से 72 घंटे में भुगतान का आदेश दिया गया है। बता दें कि तीन गेहूं खरीद एजेंसियों पर चार करोड़ से अधिक बकाया है। समय पर भुगतान नहीं मिलने से उन्हें अगली खेती की तैयारी और अपने जरूरी काम पूरे करने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। जिले में सरकारी गेहूं की खरीद के लिए एफसीआई, खाद्य विभाग, यूपी एग्रो, पीसीएफ और पीसीयू को जिम्मेदारी सौंपी गई है। इन एजेंसियों को गेहूं खरीद का लक्ष्य देते हुए जिले में संचालित 124 गेहूं क्रय केंद्र भी निर्धारित किए हुए हैं। शासन का आदेश है कि गेहूं खरीद के बाद 72 घंटे में किसान को भुगतान कर देना चाहिए। गेहूं खरीद की राशि अब किसान खाते में सीधे ट्रांसफर की जाती है, लेकिन यूपी एग्रो, पीसीएफ और पीसीयू ने अभी तक पिछले करीब एक सप्ताह से पेमेंट नहीं किया है। ऐसे में करीब 20 हजार किसान बैंक और अफसरों के चक्कर लगाने को मजबूर हैं। किसान राजपाल, गजेंद्र सिंह, मुकेश कुमार और रवि कुमार का कहना है कि उन्हें समय पर गेहूं का भुगतान नहीं मिलने पर परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। अफसरों के पास जाते हैं तो उनका कहना होता है कि खरीद एजेंसी से जल्द से जल्द भुगतान करवाया जाएगा और बैंक जाते हैं तो खाते में राशि नहीं पहुंचने की बात कही जा रही है। किसानों के गेहूं का भुगतान करने में जहां तीन खरीद एजेंसी समय पर भुगतान नहीं कर रहीं, वहीं अफसरों का दावा है कि खाद्य विभाग गेहूं का भुगतान करने में जिले में अव्वल चल रहा है।

लक्ष्य के सापेक्ष आधा भी नहीं खरीदा गया गेहूं
- 1.16 लाख मीट्रिक टन के सापेक्ष अभी तक खरीदा 50 हजार मीट्रिक टन गेहूं
- 15 जून तक 124 क्रय केंद्रों पर होनी है गेहूं की खरीद
अमर उजाला ब्यूरो
बुलंदशहर। जिले में गेहूं की फसल लगभग उठ चुकी है। गेहूं खरीद को भी एक माह से अधिक समय हो गया। मगर, अभी तक लक्ष्य के सापेक्ष आधा भी गेहूं नहीं खरीदा गया है। 15 जून तक गेहूं की खरीद होनी है, लेकिन फसल उठने के बाद और क्रय केंद्र पर गेहूं भी कम पहुंच रहा है। ऐसे में लक्ष्य कैसे पूरा होगा।
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जिले में सरकारी गेहूं खरीद एक अप्रैल से शुरू हो गई थी। उस समय गेहूं खरीद के लिए 114 क्रय केंद्र खोले गए थे। इस बार गेहं खरीद का लक्ष्य 1.16 लाख मीट्रिक टन से अधिक का रखा गया था। उस समय बारिश और ओलावृष्टि के चलते गेहूं कटाई का काम रुक गया था और क्रय केंद्रों पर पहले सप्ताह गेहूं भी नहीं पहुंचा था। जब क्रय केंद्रों पर गेहूं पहुंचना शुरू हो गया तो अफसरों को लक्ष्य पूरा करने की चिंता सताने लगी। क्रय केंद्रों पर गेहूं की कम आवक होने पर अफसरों ने इसी बीच 10 नए क्रय केंद्र और संचालित कर दिए थे। बावजूद इसके अब तक एक माह से अधिक समय बीत जाने के बाद भी अब तक करीब 50 हजार मीट्रिक टन ही गेहूूं खरीदा जा सका है। ऐसे में अफसरों की लक्ष्य को पूरा करने की चिंता सताने लगी है कि फसल लगभग उठ चुकी है और क्रय केंद्रों पर गेहूं भी कम पहुंच रहा है। यह लक्ष्य पूरा होता दिखाई नहीं दे रहा है।

पांच हजार मीट्रिक टन का लक्ष्य गौतमबुद्ध नगर को दिया
जिले में 1.16 लाख मीट्रिक टन गेहूं की खरीद का लक्ष्य पूरा नहीं होता देख अफसरों ने पांच हजार मीट्रिक टन गेहूं का लक्ष्य गौतमबुद्धनगर को दे दिया है। ऐसा कर विभागीय अफसरों ने अपना बचाव करने का भी प्रयास किया है कि कहीं उन पर लक्ष्य पूरा न होने पर कार्रवाई न हो जाए।

क्रय केंद्रों पर बारिश से गेहूं को बचाने के लिए भेजी तिरपाल
खाद्य विपणन विभाग के अफसरों ने दावा किया है कि जिले के सभी गेहूं क्रय केंद्रों पर बारिश से गेहूं को बचाने के लिए तिरपाल भेज दी है। इसके साथ ही क्रय केंद्र संचालकों को आगाह किया है कि यदि गेहूं भीगा अथवा खराब हुआ तो उसकी जिम्मेदारी उनकी होगी।
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कोट
भुगतान के लिए जारी किए पत्र
किसानों के गेहूं भुगतान में देरी करने वाली यूपी एग्रो, पीसीएफ और पीसीयू एजेंसी को जल्द भुगतान करने के लिए पत्र जारी कर दिए हैं। यदि इसी तरह चलता रहा तो इन एजेंसियों की रिपोर्ट बनाकर शासन को भेजी जाएगी। वहीं, गेहूं खरीद के लक्ष्य को भी पूरा करने का प्रयास किया जा रहा है। - अविनाश चंद्र सागरवाल, जिला खाद्य विपणन अधिकारी, बुलंदशहर।
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