नहीं चेते आज, तो भविष्य होगा खराब
- एनजीटी के आदेश के बाद भी कूड़ा जलाने पर नहीं लग रही रोक
पृथ्वी दिवस विशेष :
- सख्त निर्देशों के बाद भी बे रोकटोक किया जा रहा है पॉलीथीन का प्रयोग
अमर उजाला ब्यूरो
बुलंदशहर। पर्यावरण को बचाने के लिए एनजीटी के आदेशों का पालन न तो अफसर कर रहे हैं और न ही कोई व्यक्ति करने के लिए तैयार है। आलम यह है कि सख्त निर्देशों के बाद भी लगातार जलाए जा रहे कूड़े और प्रयोग की जा रही पॉलीथीन से पृथ्वी की उपजाऊ शक्ति लगातार छीण होती जा रही है। दिखावे के लिए कई छोटे-बड़े एनजीओ काम करने का दावा करते हैं, लेकिन हालात जस के तस बने हुए हैं।
पृथ्वी की लगातार कम होती उपजाऊ शक्ति और खराब वातावरण के बिगड़ते हालातों को संभालने के लिए एनजीटी ने अफसरों को आदेश दिए थे। एनजीटी ने आदेश देते हुए कूड़ा जलानेे पर रोक, पॉलीथीन के प्रयोग पर बैन, अधिक से अधिक पेड़ पौधे लगाने, खेतों में अपशिष्टों के न जलाने के आदेश जारी किए थे। इसके बाद भी लगातार आदेशों की अवहेलना की जा रही है। जिसके चलते पर्यावरण की स्थिति लगातार बिगड़ रही है तो वहीं पृथ्वी की उपजाऊ क्षमता भी लगातार गिरती जा रही है। पृथ्वी की बिगड़ती दशा को संभालने के लिए तो चारो ओर बातें होती हैं, लेकिन इसके लिए कोई भी पहल करने को तैयार नहीं हैं।
पृथ्वी को साफ सुथरा रखना चाहिए। पृथ्वी सबकी मां है। यदि इसको साफ सुथरा रखने की ओर ध्यान नहीं दिया तो आने वाला समय काफी खतरनाक होगा। - सोनू ब्रजवासी
पृथ्वी को हरा भरा बनाने के लिए अधिक से अधिक पेड़-पौधे लगाने चाहिए। पेड़-पौधे लगाने से न केवल हरियाली फैलती है बल्कि जीवन को बचाने के लिए अति आवश्यक है। - सुरेन्द्र चौहान
सरकार को पृथ्वी की देखभाल के लिए कदम उठाने चाहिए। अभी तक जारी किए गए आदेशों का भी जमीनी स्तर पर पालन किया जाना चाहिए। - विशाल गर्ग
पृथ्वी को बचाने के लिए कूड़ा जलाने और प्लास्टिक के प्रयोग पर बैन लगना चाहिए। आदेशों की अवहेलना करने वालों पर कार्रवाई भी होनी चाहिए। - राजेश कुमार
कोट-
पृथ्वी को साफ सुथरा रखने के लिए समय-समय पर अभियान चलाया जाता है। एनजीटी के आदेशों पर प्लास्टिक के खिलाफ अभियान चलाया जाएगा। किसी भी हाल में पृथ्वी और वातावरण को प्रदूषण मुक्त किया जाएगा। - जीएस श्रीवास्तव, क्षेत्रीय प्रदूषण अधिकारी