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सरकारी अस्पताल: सुरक्षा-व्यवस्था सब बेहाल

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सरकारी अस्पताल- सुरक्षा व्यवस्था सब बेहाल
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- पड़ताल: जिला अस्पताल में रात में वार्डों में नहीं था कोई स्टाफ
फोटो समाचार
- महिला अस्पताल में प्रसूताओं की सुरक्षा रामभरोसे
- पूर्व में नवजात चोरी होने के बाद भी बरती जा रही लापरवाही
- अफसर बोले, मामले की जांच कर कार्रवाई और जल्द होंगे सुरक्षा के इंतजाम
अमर उजाला ब्यूरो
बुलंदशहर। सरकारी अस्पतालों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर शासन दावे तो बहुत कर रहे हैं पर हकीकत में दावे की पोल खुल रहीं हैं। अमर उजाला की टीम ने सोमवार देर रात जिला अस्पताल एवं महिला अस्पताल की पड़ताल की तो अस्पतालों में अफसरों की लापरवाही देखने को मिली। एक तरफ जिला अस्पताल में वार्ड में तैनात स्वास्थ्य कर्मी नदारद मिले तो वहीं, दूसरी ओर महिला अस्पताल में रात में प्रसूताओं की सुरक्षा रामभरोसे थी। अब अफसरों ने मामले की जांच कर कार्रवाई की बात कही हैं।
सरकारी अस्पतालों में अव्यवस्थाएं दिनों दिन बढ़ती जा रही हैं। विभागीय अधिकारियों की अनदेखी के चलते महिला अस्पताल में रात में प्रसूताओं की सुरक्षा को लेकर विभाग गंभीर नहीं है। वहीं, दूसरी ओर जिला अस्पताल में रात के समय स्वास्थ्य कर्मी ड्यूटी के दौरान गायब रह रहे हैं। अमर उजाला की टीम ने दोनों अस्पतालों का देर रात निरीक्षण किया।
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सीन-एक: महिला अस्पताल (समय - सोमवार रात नौ बजे)
महिला अस्पताल में सोमवार रात करीब नौ बजे टीम जब इमरजेंसी वार्ड में पहुंची, तो वहां सुरक्षा के नाम पर कोई भी कर्मचारी तैनात नहीं मिला। अस्पताल की सुरक्षा रामभरोसे चल रही थी। अस्पताल में दिन के समय अलग-अलग समय में दो सुरक्षा कर्मी की तैनात रहते हैं, जबकि रात के समय केवल एक चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी की तैनाती के आदेश है। बता दें कि तीन माह पूर्व रात के समय एक महिला एक नवजात को चोरी कर ले गई थी। इसके बाद स्वास्थ्य अफसरों ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम के दावे किए थे। इसके बावजूद भी अस्पताल में प्रसूताओं की सुरक्षा राम भरोसे चल रहीं हैं। वहीं, दूसरी ओर पता चला है कि वेतन नहीं मिलने से सुरक्षा गार्ड नौकरी छोड़ गए हैं। अस्पताल में सुरक्षा के लिए पीआरडी जवानों की ड्यूटी लगाई गई थी।

सीन -दो: जिला अस्पताल का महिला वार्ड (समय - सोमवार रात 8:45 बजे)
जिला अस्पताल में रात के समय भर्ती मरीजों की देखभाल और उपचार के लिए करीब एक दर्जन स्वास्थ्य कर्मियों की ड्यूटी लगाई जाती हैं। लेकिन हकीकत इनकी पोल खोल रही हैं। रात के समय वार्ड में भर्ती मरीजों के उपचार के नाम पर खानापूर्ति की जा रहीं हैं। जब अमर उजाला की टीम ने पड़ताल की तो वार्ड में तैनात स्वास्थ्य कर्मी नदारद मिले।

नहीं मिलता सुरक्षा गार्ड के वेतन मद का पैसा
स्वास्थ्य विभाग की ओर से हर साल करोड़ों रुपये का फंड दिया जाता है, पर सुरक्षागार्ड के वेतन मद में पैसा नहीं दिया जाता है। इससे सुरक्षा गार्ड बहाली के लिए टेंडर ही नहीं निकाला जाता। ऐसे में आवश्यक जगहों पर जिला स्वास्थ्य विभाग ने अतिरिक्त फंड से- खानापूर्ति करते हुए एक-दो सुरक्षा गार्ड तैनात कर दिए हैं।

दो दिन से अवकाश के कारण मामले की जानकारी नहीं हैं। मामले की जानकारी कर सुरक्षा व्यवस्था के लिए तैनात कर्मचारी को निर्देश दिए जाएंगे। - डॉ. बीना रानी, सीएमएस महिला अस्पताल बुलंदशहर।
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मामले की जांच कर तैनात स्वास्थ्य कर्मियों से पूछताछ की जाएगी। लापरवाही मिलने पर स्वास्थ्य कर्मियों पर विभागीय कार्रवाई की जाएगी। - डॉ. रामवीर सिंह, सीएमएस जिला अस्पताल, बुलंदशहर।
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