एएनएम-आशा बनेंगी बुजुर्गों का सहारा
बुलंदशहर। सरकारी अस्पतालों में तैनात एएनएम, स्टाफ नर्स एवं आशा अस्पताल तक आने में असमर्थ बुजुर्गों का सहारा बनेंगी। बुजुर्गों की सहूलियत के लिए स्वास्थ्य विभाग ने यह जिम्मेदारी दी है। ग्रामीण क्षेत्रों के बुजुर्गों का नियमित ब्लड प्रेशर और मधुमेह की जांच आसानी से हो सकेगी। इसके लिए विभाग द्वारा एएनएम और आशाओं को छह माह का प्रशिक्षण भी दिया जाएगा।
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत बुजुर्गों के उपचार पर भी अब विशेष ध्यान दिया जाएगा। इसमें उनके स्वास्थ्य परीक्षण से लेकर दवा वितरित करने तथा बीमार पड़ने पर नजदीकी सरकारी चिकित्सालय में भर्ती कराकर योजना के तहत सुविधाओं का लाभ मिलेगा। अब बुजुर्गों को अपने स्वास्थ्य के लिए ज्यादा चिंता करने की जरुरत नहीं है, क्योंकि उनके स्वास्थ्य का ख्याल रखने की जिम्मेदारी सरकारी अस्पतालों में नियुक्त एएनएम स्टाफ नर्स एवं आशाओं को दी जा रही है। एएनएम बुजुर्गों का नियमित ब्लड प्रेशर तथा मधुमेह की जांच करेंगी। यदि जांच में किसी बीमारी के लक्षण मिलते हैं तो उन्हें नजदीकी सरकारी अस्पताल में भर्ती कराने की जिम्मेदारी एएनएम और आशा करेंगी। सीएमओ डॉ. केएन तिवारी ने बताया कि शासन के आदेशानुसार जल्द ही कार्य योजना बनाकर एएनएम, आशा और स्टाफ नर्स को प्रशिक्षण दिया जाएगा।