कस्तूरबा स्कूल के औचक निरीक्षण में मिली खामियां
- छात्रा आवासीय विद्यालय में वार्डन पति का रात्रि में सोने के आरोप
- एडवांस हाजिरी दर्शाकर वार्डन कई दिनों से लापता
- विद्यालय के मेसेंजर पर किशोरियों को हड़काने का आरोप
अमर उजाला ब्यूरो
जहांगीराबाद। जिला कार्यक्रम समन्वयक महिला समाख्या निशा चौधरी ने सोमवार की देर शाम नगर के टाउन स्कूल परिसर में बने कस्तूरबा आवासीय बालिका विद्यालय का औचक निरीक्षण किया तो तमाम गंभीर अनियमितता देखने को मिली। विद्यालय से वार्डन अनुपस्थित मिली, जबकि हाजिरी भी मंगलवार तक की एडवांस में लगाई हुई थी। दो दिन से वार्डन के पति की रात्रि में आवासीय विद्यालय में रूकने की भी जानकारी मिली। जिला महिला समाख्या अधिकारी ने विद्यालय में मौजूद स्टाफ व कर्मचारियों को जमकर हड़काते हुए कार्यप्रणाली में सुधार लाने की हिदायत दी।
जिला कार्यक्रम समन्वयक निशा चौधरी ने सोमवार की देर सायं कई बिंदुओं पर अपने स्टाफ के साथ निरीक्षण किया। निरीक्षण में पाया गया कि विद्यालय की वार्डन सात अप्रैल की सुबह लगभग पौने सात बजे से अनुपस्थित है। बायोमेट्रिक मशीन में उनके जाने के सबूत मिले है। सात अप्रैल को जाने के बाबजूद भी उन्होंने 10 अप्रैल तक की हाजिरी एडवांस में लगा रखी थी। बिना बताए अनुपस्थित रहने के बाद भी उन्होंने नियमानुसार विद्यालय का चार्ज किसी भी पूर्णकालिक शिक्षिका को नहीं दिया। निरीक्षण में विद्यालय के संदेश वाहक ओमपाल पर प्रतिदिन नियम विरुद्ध अपने घर रात्रि में जाना पाया गया। वहीं यह भी जानकारी मिली कि छात्रा आवासीय विद्यालय में नियम विरु द्ध वार्डन का पति दो दिन से रात्रि में ठहर रहा है। साथ ही मेसेंजर को छात्राओं को डांट-डपट करने का दोषी पाया गया है। विद्यालय की एक और शिक्षिका पर भी बिना बताए घर जाने का आरोप मिला । इसके अलावा विद्यालय की सहायक रसोइया मिथलेश पर बिना अनुमति विद्यालय से बाहर जाने का दोषी पाया गया। विद्यालय की लेखाकार नेहा पर भी झूठ बोलकर आला अधिकारियों को गुमराह करने का दोषी पाया गया है।
जिला समन्वयक अधिकारी निशा चौधरी ने बताया कि निरीक्षण में उपरोक्त तमाम खामियां पाई गई है। इस सबकी एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर वह कार्रवाई के लिए आला अधिकारियों को प्रेषित करेंगी।
जब कि विद्यालय की वार्डन सुनीता ने बताया कि उन पर लगाए गए आरोप निराधार है। बच्चे की तबियत अचानक खराब होने के चलते वह अपने घर आ गई। इसकी सूचना मोबाइल पर मेसेज के माध्यम से जिला समन्वयक को उन्हाेंने निरीक्षण से पहले दे दी थी।