शव वाहन द्वारा शव न ले जाने पर होगी कार्रवाई
अमर उजाला ब्यूरो
बुलंदशहर। जिला चिकित्सालय से शव वाहन द्वारा शवों को न ले जाने पर शासन ने शव वाहन चालक के साथ अफसरों पर कार्रवाई के आदेश दिए है। इसके लिए प्रमुख सचिव ने प्रदेश के सभी डीएम और सीएमओ को निर्देश जारी कर दिए हैं। जिला अस्पताल में शव वाहन व्यवस्था पर नजर रखने के लिए नेत्र विभाग के डॉ. प्रताप को नोडल अधिकारी बनाया गया है।
शासन ने पिछले साल 2017 में जिला चिकित्सालयों को दो शव वाहन की सुविधा दी थी। चालक की उपलब्धता न होने पर शव वाहन खड़े-खड़े धूल फांक रहे थे। स्वास्थ्य विभाग द्वारा गत जनवरी माह में शव वाहन के लिए चालकों की व्यवस्था की गई, लेकिन ये भी अभी तक गिने-चुने शव ही ले गए है। शव वाहन के संचालन में लापरवाही बरतने पर प्रमुख सचिव ने छह बिंदुओं पर व्यवस्था बनाने के निर्देश दिए हैं। निर्देश है कि अगर मरीज को उपचार के लिए अस्पताल ले जाते समय रास्ते में मौत हो जाए तो मृतक के परिवार को शव वाहन से शव घर तक पहुंचाया जाए। लावारिस शवों के मामले में घटना स्थल और पोस्टमार्टम हाउस से अंतिम संस्कार स्थल तक शव वाहन को प्रयोग में लाया जाएगा। साथ ही शासन ने स्पष्ट आदेश दिया है कि आदेशों का पालन न होने पर सीएमओ और सीएमएस के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। जिला अस्पताल द्वारा नोडल अधिकारी का नाम, पदनाम और मोबाइल नंबर समेत शासन को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही शासन ने निर्देश दिया है कि अगर मृतक के परिवार एवं परिजन शव वाहन नहीं लेते है तो उनसे लिखवा कर लिया जाए। जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. रामवीर सिंह ने बताया कि शासन के निर्देश पर नोडल अधिकारी नामित कर दिया गया है। साथ ही बताया कि शव ले जाने में किसी भी शव वाहन चालक ने लापरवाही बरती तो कार्रवाई की जाएगी।