सुरक्षित नहीं हैं जिले के सरकारी भवन
बुलंदशहर। गर्मी अपना रंग दिखाने लगी है। ऐसे मौसम में शार्ट सर्किट आदि से आग लगने की आशंका बढ़ जाती है। विडंबना यह है कि जिले के कई सरकारी भवन भी सुरक्षित नहीं है। सरकारी भवनों में अग्निशमन यंत्र नहीं लगे होने से फरियादी से लेकर वहां काम करने वाले अफसर और कर्मचारी भी असुरक्षित महसूस करते हैं। वस्तुस्थिति जानने के लिए जब अमर उजाला की टीम ने विकास भवन, डीआईओएस और बीएसए कार्यालय का दौरा किया, तो अग्नि सुरक्षा मानकों का पोल खुल गया। किसी भी भवन में एक भी अग्निशमन यंत्र नहीं मिला।
विकास भवन...
नगर के विकास भवन में छोटे-बड़े सभी कुल मिलाकर करीब 28 सरकारी कार्यालय संचालित हैं। मगर, जब विकास भवन का दौरा किया तो किसी भी कार्यालय में एक भी अग्निशमन यंत्र नहीं मिला। जबकि यहां पर रोजाना सैकड़ों अफसर और कर्मचारी ड्यूटी पर रहते हैं, जबकि जिले भर से जनता अपने-अपने काम के लिए विभिन्न कार्यालयों में पहुंचती है। अब सवाल यह है कि अगर कोई आग लगने की घटना हो जाए तो उस पर कैसे तत्काल काबू पाया जा सकेगा। आग बुझाने के लिए पूरे विकास भवन में अन्य किसी प्रकार का भी प्रबंध नहीं है।
जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय...
जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय में भी आग पर काबू पाने के लिए एक भी अग्निशमन यंत्र और अन्य किसी प्रकार का प्रबंध नहीं है। जबकि कार्यालय में जगह-जगह सरकारी दस्तावेज आदि के बंडल बंधे हुए रखे हैं। जरा सी चूक से या फिर कोई शार्ट सर्किट हो जाता है तो आग लगने के खतरे से भी इनकार नहीं किया जा सकता। किसी को इसे लेकर परवाह नहीं है।
जिला बेसिक शिक्षा कार्यालय
विकास भवन और जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय की तरह ही जिला बेसिक शिक्षा कार्यालय का भी हाल है। यहां एक भी अग्निशमन यंत्र नहीं हैं और जगह-जगह रखे सरकारी कागजात आदि राम भरोसे ही हैं। इनके रखरखाव को लेकर अफसर से लेकर कर्मचारी तक को चिंता नहीं है। यहां पर स्थिति ऐसी है कि थोड़ी से चूक और गलती कभी भी कोई बड़ी घटना हो सकती है।
नियमों की भी उड़ रही धज्जियां
नियम है कि सरकारी अथवा प्राइवेट कार्यालय व अन्य संस्थानों में आग बुझाने के व्यापक इंतजाम होने चाहिए। इसके लिए भवन में अग्निशमन यंत्र के साथ अन्य सुविधाएं भी होनी चाहिए। मगर, जिले में सरकारी विभाग की नियमों की धज्जियां उड़ा रहे हैं, तो प्राइवेट कार्यालय और अन्य संस्थानों में इंतजाम कैसे होंगे। यह सवाल सोचने पर मजबूर कर रहा है।
कोट -
विकास भवन में अग्निशमन यंत्र लगवाने के लिए काफी समय पहले शासन को प्रस्ताव बनाकर भेजा गया था। जैसे ही यह प्रस्ताव पास हो जाएगा और बजट प्राप्त होगा तो अग्निशमन यंत्र लगवा दिए जाएंगे। इस कार्य को लेकर जिला प्रशासन गंभीर है। - जसजीत कौर, मुख्य विकास अधिकारी।
कार्यालय में उनके आने से पहले से ही अग्निशमन यंत्र नहीं हैं। मैं मान रहा हूं कि कार्यालय में अग्निशमन यंत्र होने जरूरी हैं और इस पर जल्द विचार कर आग से बचाव के लिए इंतजाम किए जाएंगे। - मनोज कुमार आर्य, जिला विद्यालय निरीक्षक।
कार्यालय में अग्निशमन यंत्र न होना काफी खतरनाक साबित हो सकता है। वह पता लगवाएंगे कि आग बुझाने के कार्यालय में अग्निशमन यंत्र क्यों नहीं लगे हैं। वह जल्द प्रयास करेंगे कि कार्यालय में अग्निशमन यंत्र लगवाए जाएं ताकि किसी हादसे से बचा जा सके। - अजीत कुमार, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी।